प्रतापगढ़ पुलिस पर युवक से मारपीट का आरोप:पूर्व विधायक बोले- सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो जन आंदोलन करेंगे
प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने प्रतापगढ़ थाना अधिकारी दीपक बंजारा पर युवक के साथ मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है। विधायक ने कहा-31 दिसंबर की रात पुलिस टीम नाकोड़ा नगर स्थित अब्दुल हामिद के घर पहुंची थी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने बिना किसी वैध कारण के हामिद के साथ मारपीट की और उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। मारपीट में हामिद के हाथ-पैर की हड्डियां टूट गईं। उन्हें पहले प्रतापगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। इस दौरान जिला अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर सीआई द्वारा घायल व्यक्ति की जेब में मोबाइल रखकर उसे 'ई-साक्ष्य' के रूप में बरामद करते हुए दिख रहे हैं। पूर्व विधायक ने जन आंदोलन की चेतावनी दी पूर्व कांग्रेस विधायक रामलाल मीणा ने चेतावनी दी है कि यदि दोषी सीआई के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो बड़ा जन आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। पूर्व विधायक ने बताया-सीआई के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए एएसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा था। 5 जनवरी को हुए प्रदर्शन में सीआई दीपक बंजारा को निलंबित करने, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई थी। एडिशनल एसपी बोले-साक्ष्य के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी मामले को लेकर एडिशनल एसपी गजेंद्र सिंह जोधा ने बताया-मामला सामने आने के बाद पीड़ित के बयान लिए हैं। जो भी साक्ष्य मिले हैं। उनके अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ के पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने प्रतापगढ़ थाना अधिकारी दीपक बंजारा पर युवक के साथ मारपीट के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर आंदोलन की चेतावनी दी है।
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विधायक ने कहा-31 दिसंबर की रात पुलिस टीम नाकोड़ा नगर स्थित अब्दुल हामिद के घर पहुंची थी। पीड़ित पक्ष का कहना है कि पुलिस ने बिना किसी वैध कारण के हामिद के साथ मारपीट की और उनके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए। मारपीट में हामिद के हाथ-पैर की हड्डियां टूट गईं। उन्हें पहले प्रतापगढ़ जिला अस्पताल ले जाया गया और बाद में गंभीर हालत में उदयपुर रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
इस दौरान जिला अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज में कथित तौर पर सीआई द्वारा घायल व्यक्ति की जेब में मोबाइल रखकर उसे 'ई-साक्ष्य' के रूप में बरामद करते हुए दिख रहे हैं।