इंदौर, सबसे साफ़ शहर: 'मेरा बच्चा पाँच महीने का था, पानी ने जान ले ली', दूषित पानी से कई मौतें
दूषित पानी की वजह से मारे गए पांच महीने के अव्यान साहू के पिता सुनील साहू ने कहा- माँ के दूध के अलावा बच्चे को बाहर के दूध में पानी मिलाकर दिया जाता था. यह पता नहीं था कि नर्मदा का पानी दूषित है.
इंदौर, सबसे साफ़ शहर: 'मेरा बच्चा पाँच महीने का था, पानी ने जान ले ली', दूषित पानी से कई मौतें

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इमेज कैप्शन, दूषित पानी से बीमार लोगों का हालचाल लेने अस्पताल पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव
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- Author, समीर ख़ान
- पदनाम, बीबीसी हिन्दी के लिए, इंदौर से
- 6 घंटे पहले
लगातार सात सालों तक देश के सबसे स्वच्छ शहर का तमगा हासिल करने वाले मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा में नर्मदा नदी की पाइपलाइन में ड्रेनेज लाइन का पानी मिल जाने से सप्लाई का पानी गंदा हो गया.
स्थानीय पत्रकारों ने बताया कि इंदौर के इस इलाके में अब तक14 लोगों की मौत हुई है. वहीं राज्य सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज माना है कि आठ-नौ मौतें हुई हैं.
मामने की जांच के लिए राज्य सरकार ने एक कमिटी का गठन किया है.
दूषित पानी से बीमार कई लोगों को अलग-अलग सरकारी और निजी अस्पतालों में भर्ती किया गया है.
लेकिन दस दिन से ज़्यादा समय हो जाने के बाद भी भागीरथपुरा के सभी इलाक़ों पीने का साफ़ पानी नहीं पहुंचा है और न ही इंदौर का नगर निगम इस बात का पता लगा पाया है कि ये गंदा पानी सप्लाई के पानी में कहां पर मिला.
इस मामले पर मध्य प्रदेश सरकार में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "करीब 1400 से 1500 लोग प्रभावित हुए थे, जिनमें से 198 लोग अस्पताल में भर्ती हैं. अभी दो और लोगों को भर्ती कराया गया है. कुछ लोगों को डिस्चार्ज भी किया गया है."
उन्होंने कहा, "स्वास्थ्य विभाग, प्रशासन और नगर निगम का पूरा अमला लगा हुआ है. छोटी से छोटी समस्या के समाधान की कोशिश की जा रही है. एक-एक व्यक्ति की हालत की मॉनिटरिंग की जा रही है."
मौतों के आंकड़े पर कैलाश विजयवर्गीय ने कहा, "मेरे पास सरकारी आंकड़ा चार लोगों की मौत का है, लेकिन यहां घूमने के दौरान 8-9 लोगों की मौत की जानकारी मिली है."
वहीं, जब कैलाश विजयवर्गीय भागीरथपुरा पहुंचे तो उन्हें स्थानीय लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ा.
वो बाइक पर हालात का जायज़ा लेने पहुंचे. जहां लोगों ने इलाके के ख़राब हालात को लेकर उनसे सवाल किए. लेकिन वो वहां रुके नहीं और बाइक से ही आगे बढ़ गए.
एक स्थानीय महिला ने कहा, "ड्रेनेज लाइन पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. पीने के पानी की लाइन से इसे जोड़ा जा रहा है, लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है. पिछले डेढ़ साल से हम परेशान हैं. शिकायत करने पर भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है."
महिला ने बताया कि उनके यहां 10-12 लोग बीमार हुए हैं.
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पीड़ितों ने क्या बताया?
दूषित पानी की वजह से मारे गए पांच महीने के अव्यान साहू के पिता सुनील साहू ने बीबीसी को बताया कि उनके परिवार में माता पिता के साथ पत्नी और दस साल की पुत्री है.
सुनील साहू कुरियर का काम करते हैं.
पांच महीने पहले ही उनके यहां अव्यान ने जन्म लिया था.



