कांग्रेस ने मनरेगा में बदलावों के खिलाफ किया उपवास:चूरू में जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन, वापसी की मांग
चूरू में कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधनों के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा। यह विरोध प्रदर्शन पुराने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया गया। 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत आयोजित इस कार्यक्रम की अगुआई कांग्रेस जिलाध्यक्ष एवं सुजानगढ़ विधायक मनोज मेघवाल ने की। इसमें सांसद राहुल कस्वां, रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा, सरदारशहर विधायक अनिल शर्मा सहित अभिषेक बुडानिया, रियाजत खान, जमील चौहान और सुजानगढ़ से कांग्रेस नेता बजरंग सैन समेत कई वरिष्ठ कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। उपवास स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार मनरेगा को कमजोर कर रही है और गरीबों के रोजगार के संवैधानिक अधिकार पर हमला कर रही है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनोज मेघवाल ने मनरेगा में किए गए सभी बदलावों को तत्काल वापस लेने की मांग की। उन्होंने ग्राम सभा के अधिकारों को बहाल करने, काम के अधिकार की पूर्ण बहाली, न्यूनतम मजदूरी 400 रुपए निर्धारित करने और मनरेगा मजदूरी का सौ प्रतिशत भुगतान केंद्र सरकार द्वारा किए जाने की भी मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अपनी नीतियां नहीं बदलीं तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर निर्णायक संघर्ष करेगी। रतनगढ़ विधायक पूसाराम गोदारा ने कहा कि यह संघर्ष किसी व्यक्ति विशेष के विरोध में नहीं, बल्कि महात्मा गांधी के नाम और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा की आत्मा को खत्म करने की साजिश रची जा रही है, ग्राम सभा के अधिकार छीने जा रहे हैं और राज्यों पर 40 प्रतिशत आर्थिक भार डाल दिया गया है, जिससे रोजगार गारंटी व्यवस्था कमजोर हो रही है। गोदारा ने चेतावनी दी कि यदि मनरेगा से छेड़छाड़ बंद नहीं हुई तो आंदोलन को गांव की चौपाल से लेकर संसद तक तेज किया जाएगा।
चूरू में कांग्रेस ने रविवार को केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा में किए गए संशोधनों के विरोध में एक दिवसीय उपवास रखा। यह विरोध प्रदर्शन पुराने जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष आयोजित किया गया।