इस्लाम धर्म अपनाकर शादी करने वाली भारतीय महिला को पाकिस्तान से वापस भेजने में क्यों हो रही देरी
SOURCE:BBC Hindi
इस्लाम धर्म अपनाकर पाकिस्तानी नागरिक से शादी करने वालीं भारतीय महिला सरबजीत कौर को हिरासत में लिया गया है. हालांकि, अधूरे काग़ज़ात की वजह से अभी तक उन्हें भारत नहीं भेजा जा सका है.
इस्लाम धर्म अपनाकर शादी करने वाली भारतीय महिला को पाकिस्तान से वापस भेजने में क्यों हो रही देरी
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इमेज कैप्शन, सरबजीत कौर को रविवार को पाकिस्तानी अधिकारियों ने हिरासत में ले लिया था
Author, एहतेशाम शामी
पदनाम, बीबीसी उर्दू के लिए, इस्लामाबाद से
6 जनवरी 2026
पाकिस्तानी नागरिक से शादी करने वालीं भारतीय महिला सरबजीत कौर के यात्रा दस्तावेज़ अधूरे होने की वजह से उन्हें अभी तक वापस भारत नहीं भेजा गया है और उनके डिपोर्टेशन प्रोसेस में अभी भी देरी हो रही है.
पंजाब के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने बीबीसी को बताया कि सरबजीत कौर को डिपोर्ट करने के लिए सोमवार (5 जनवरी) को वाघा बॉर्डर ले जाया गया था, लेकिन उनके यात्रा दस्तावेज़ में कुछ तकनीकी दिक़्क़तें थीं.
उन्होंने कहा, "मेरी जानकारी के मुताबिक़ केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अभी तक सरबजीत कौर को भारत वापस भेजने के लिए एनओसी जारी नहीं की है, क्योंकि वह (सरबजीत) पाकिस्तान में ओवरस्टे यानी वीज़ा की मियाद ख़त्म होने के बाद भी रुकी थीं. इसलिए वह केंद्रीय गृह मंत्री की अनुमति के बिना क़ानूनी तौर पर देश नहीं छोड़ सकती हैं."
दूसरी ओर वाघा बॉर्डर पर मौजूद सूत्रों ने बीबीसी संवाददाता शुमाइला ख़ान को बताया कि सरबजीत कौर को सोमवार को यहां लाया गया था, लेकिन उनका वीज़ा एक्सपायर हो गया था, इसलिए उन्हें पाकिस्तान से बाहर भेजने के लिए गृह मंत्रालय की अनुमति की ज़रूरत थी.
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उन्होंने कहा कि काग़ज़ात पूरे होने के बाद ही उनका इमिग्रेशन होगा, लेकिन पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने अभी तक एनओसी (परमिशन लेटर) जारी नहीं किया था, इसलिए उन्हें वाघा बॉर्डर से वापस भेज दिया गया.
दूसरी ओर सरबजीत कौर के वकील अहमद हसन पाशा ने बीबीसी उर्दू से बातचीत में दावा किया कि सरबजीत कौर को उनकी मर्ज़ी के ख़िलाफ़ भारत वापस भेजा जा रहा है.
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इमेज कैप्शन, रमेश सिंह अरोड़ा, पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री हैं.
उन्होंने कहा कि फ़ॉरेनर्स एक्ट 1946 के तहत सरबजीत कौर को अभी पाकिस्तान में रहने की इजाज़त नहीं है और इसलिए उन्हें भारत वापस भेजा जा रहा है.
अहमद हसन पाशा कहते हैं कि सरबजीत कौर को अब भारत से 'स्पाउस वीज़ा' मिलेगा, जिसके बाद वह दोबारा पाकिस्तान आकर यहां परमानेंट रेज़िडेंस के लिए अप्लाई कर सकती हैं.
उन्होंने कहा, "सरबजीत कौर के पास तीर्थयात्री वीज़ा था जो सिर्फ़ दस दिनों के लिए वैलिड था. तीर्थयात्री वीज़ा कुछ ही शहरों के लिए होता है और इसे बढ़ाया नहीं जा सकता था."
हाई कोर्ट में सरबजीत कौर के ख़िलाफ़ केस लड़ रहे एडवोकेट अली चंगेज़ी संधू का कहना है कि उनके केस की अभी भी हाई कोर्ट में सुनवाई चल रही है.
उन्होंने कहा कि लाहौर हाई कोर्ट के जस्टिस फ़ारूक़ हैदर ने 5 दिसंबर को सुनवाई के दौरान फ़ेडरल कैबिनेट डिवीज़न, आईजी पंजाब पुलिस और एफ़आईए समेत दूसरी संबंधित संस्थाओं से रिपोर्ट मांगी है. इसलिए पाकिस्तानी संस्थाएँ सरबजीत कौर को जल्द से जल्द भारत भेजना चाहती हैं.
सरबजीत कौर और उनके पति हिरासत में
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इमेज कैप्शन, सरबजीत कौर ने पाकिस्तानी नागरिक नासिर से शादी करने के बाद इस्लाम धर्म अपना लिया और अपना नाम बदलकर नूर फातिमा रख लिया
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री सरदार रमेश सिंह अरोड़ा ने रविवार रात को पुष्टि की थी कि सरबजीत कौर और उनके पाकिस्तानी पति नासिर हुसैन को हिरासत में ले लिया गया है.
सरबजीत कौर चार नवंबर को सिख यात्रियों के जत्थे के साथ पाकिस्तान आई थीं और उनके वीज़ा की मियाद 13 नवंबर तक थी, लेकिन वो वापस भारत नहीं गईं. सरबजीत ने पाकिस्तानी पंजाब के शेख़ूपुरा के रहायशी नासिर हुसैन से शादी कर ली, जिसके बाद वो पाकिस्तान में ही रह रही हैं.
रमेश सिंह अरोड़ा ने बीबीसी उर्दू को बताया कि चार जनवरी को ननकाना साहिब के एक गाँव पहरे वाली में सरबजीत कौर और नासिर हुसैन की मौजूदगी के बारे में पता चलने पर ख़ुफ़िया एजेंसियों की टीम ने तत्काल कार्रवाई की.
उनका कहना था कि इस कार्रवाई के दौरान सरबजीत कौर को उनके पाकिस्तानी पति के साथ हिरासत में ले लिया गया. अब उन्हें ननकाना साहिब पुलिस के हवाले किया गया है. इस वक़्त दोनों ननकाना साहिब के थाना सदर में हिरासत में हैं.
रमेश सिंह अरोड़ा के मुताबिक़, पुलिस और इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों ने मिलकर इस मामले की तफ़्तीश की.
एजेंसियों को जांच में पता चला कि सरबजीत कौर और नासिर हुसैन 2016 में टिकटॉक पर मिले थे और इन दोनों ने कई मौक़ों पर वीज़ा के लिए अर्ज़ियां भी दी थीं, लेकिन क़ानूनी वजहों के आधार पर उन्हें वीज़ा नहीं दिया गया.
कोर्ट ने कपल को परेशान न करने का आदेश दिया
गौरतलब है कि नवंबर में सरबजीत कौर के निवेदन पर लाहौर हाई कोर्ट ने पंजाब पुलिस को उन्हें परेशान न करने का आदेश दिया था.
सरबजीत के वकील अहमद हसन पाशा के मुताबिक़, पंजाब पुलिस ने 8 नवंबर को सरबजीत और नासिर की तलाश में उनके घर पर छापा मारा और उन पर शादी ख़त्म करने का दबाव बनाया जा रहा था और इस अर्ज़ी में कोर्ट से सरबजीत कौर और नासिर हुसैन की शादीशुदा ज़िंदगी में दखल न देने का निवेदन किया गया था.
सुनवाई के बाद लाहौर हाई कोर्ट के जज जस्टिस फ़ारूक़ हैदर ने पंजाब पुलिस को सरबजीत को परेशान करने से रोक दिया था और इस बारे में पंजाब पुलिस के आईजी को आदेश जारी किए थे.
हालांकि, शेख़ूपुरा पुलिस के प्रवक्ता राणा यूनुस ने बीबीसी उर्दू को बताया कि पुलिस ने किसी भी भारतीय महिला या उसके पाकिस्तानी पति को परेशान नहीं किया है. उन्होंने कहा, "इस बारे में लगाए गए आरोप सच्चाई के ख़िलाफ़ हैं और पुलिस का उनसे कोई लेना-देना नहीं है."
उन्होंने कहा, "यह मामला सेंसिटिव है, इसलिए इसे अलग-अलग एजेंसियां देख रही हैं और जो भी फ़ैसला लिया जाएगा वह पाकिस्तान के क़ानून के मुताबिक़ होगा."
सरबजीत के वकील ने कहा कि 15 नवंबर को उन्होंने "दोनों को अपने चैंबर में बुलाया था ताकि वे दोनों देशों की एजेंसियों के अधिकारियों के सामने अपने बयान दर्ज करा सकें, लेकिन वादे के बावजूद दोनों पति-पत्नी नहीं आए और नासिर हुसैन का मोबाइल फ़ोन भी बंद हो गया है."
इस्लाम धर्म अपनाना और शादी
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इमेज कैप्शन, अदालत में पेश किए गए विवाह प्रमाण पत्र के अनुसार, नासिर हुसैन की आयु 43 वर्ष है जबकि सरबजीत कौर की आयु साढ़े 48 वर्ष है
सरबजीत कौर 4 नवंबर को सिख तीर्थयात्रियों के साथ पाकिस्तान आई थीं और अगले दिन बाबा गुरु नानक की जयंती के मौक़े पर उन्हें ननकाना साहिब जाना था.
हालांकि, 7 नवंबर को शेखूपुरा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट के पास महिला के दिए बयान के मुताबिक, उन्होंने पाकिस्तान आने के बाद अपनी मर्ज़ी से इस्लाम धर्म अपना लिया था और नासिर हुसैन नाम के एक पाकिस्तानी नागरिक से शादी कर ली थी.
इस बयान में उनके वकील अहमद हसन पाशा एडवोकेट का कहना है कि शादी शेखूपुरा की संबंधित यूनियन काउंसिल में रजिस्टर्ड कराई गई थी.
शेख़ूपुरा के ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुहम्मद ख़ालिद महमूद वड़ैच की अदालत में जो दस्तावेज़ जमा करवाए गए थे, उनके मुताबिक़ सरबजीत कौर ने क़ारी हाफ़िज़ रिज़वान भट्टी के आगे इस्लाम क़ुबूल किया, जिसके बाद उनका इस्लामी नाम 'नूर' रखा गया.
उन्हें पांच नवंबर को इस्लाम धर्म क़ुबूल करने का प्रमाण पत्र जारी किया गया था.
अदालत में जो निकाहनामा जमा करवाया गया, उसके मुताबिक़ नासिर हुसैन की उम्र 43 साल, जबकि दुल्हन की उम्र साढ़े 48 साल है. निकाहनामे के मुताबिक़, हक़ मेहर दस हज़ार रुपये मुक़र्रर की गई थी.
इसमें ये भी दर्ज है कि नासिर हुसैन पहले से शादीशुदा हैं और उन्हें दूसरी शादी की इजाज़त की ज़रूरत नहीं.
भारतीय महिला की ओर से अदालत में एक शिकायत भी दायर की गई है, जिसमें पुलिस पर धमकियां देने और झूठा मुक़दमा दर्ज करने के इल्ज़ाम लगाए गए हैं.
उन्होंने ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट मुहम्मद ख़ालिद महमूद वड़ैच की अदालत में पाकिस्तान की दंड संहिता 200 के तहत दायर किए केस में कहा है कि 'उन्होंने अपनी ख़ुशी से नासिर हुसैन से निकाह किया.'
वो कहती हैं कि "मुझे किसी ने अग़वा नहीं किया, मैंने अपनी आज़ाद मर्ज़ी से शादी की है. मैं अपने माता-पिता के घर से सिर्फ़ तीन कपड़ों में आई हूं और कोई चीज़ अपने साथ नहीं लाई हूं."
इस बयान में उन्होंने दावा किया कि "पुलिस मेरी निकाह करने की वजह से सख़्त नाराज़ है और पांच नवंबर को रात नौ बजे पुलिस अधिकारी ज़बरदस्ती हमारे घर में दाख़िल हुए. अधिकारियों ने कहा कि हमारे साथ चलो, मगर मेरे इनकार पर वो ग़ुस्सा हो गए."
उनका कहना है कि "मेरे शोर मचाने पर पड़ोसी भी आ गए." सरबजीत ने अदालत से अनुरोध किया था कि उन्हें और उनके पति को पुलिस से सुरक्षा प्रदान की जाए.
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इमेज कैप्शन, कपूरथला के सहायक पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र वर्मा
सरबजीत कौर नासिर हुसैन को नौ साल से जानती थीं
सरबजीत का ताल्लुक़ पंजाब के ज़िला कपूरथला से है. कपूरथला की पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच जारी है. सरबजीत क़रीब दो हज़ार सिख यात्रियों के जत्थे में शामिल थीं. ये जत्था 10 दिन के दौरे के बाद 13 नवंबर को भारत वापस आ गया था, लेकिन सरबजीत कौर उनके साथ वापस नहीं आईं.
बीबीसी पंजाबी के अनुसार नवंबर में कपूरथला के सहायक पुलिस अधीक्षक धीरेंद्र वर्मा ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी थी. इस्लाम धर्म अपनाने और शादी करने के बारे में किसी तरह की जानकारी से वर्मा ने इनकार किया था.
उन्होंने कहा कि मीडिया में ऐसी ख़बरें हैं लेकिन पुलिस के पास इस बारे में कोई ठोस सबूत या जानकारी नहीं है.
बीबीसी पंजाबी के सहयोगी संवाददाता रविंदर सिंह रॉबिन से बात करते हुए, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के सचिव प्रताप सिंह ने कहा था कि समिति ने इस मामले की जांच करने के बाद फ़ैसला किया है कि अब से किसी भी अकेली महिला को ऐसे समूहों में नहीं भेजा जाएगा.
भारतीय मीडिया में छपी ख़बरों के मुताबिक़, सरबजीत का तलाक़ हो चुका है और उनकी पिछली शादी से दो बेटे हैं. ख़बरों के अनुसार सरबजीत के पति क़रीब तीन दशकों से इंग्लैंड में रह रहे हैं.
ज़िला कपूरथला के गाँव तलवंडी चौधरियां के एसएचओ निर्मल सिंह के मुताबिक़ उन्हें इस बारे में गाँव के सरपंच से पता चला था.
उधर पाकिस्तान में वकील अहमद हसन पाशा का कहना है कि नासिर हुसैन पेशे से ज़मींदार हैं.
उन्होंने बीबीसी के साथ एक वीडियो शेयर किया, जिसमें सरबजीत को ये कहते सुना जा सकता है कि उनका भारत में तलाक़ हो गया है और उन्होंने अपनी मर्ज़ी से इस्लाम क़ुबूल कर नासिर हुसैन से शादी का फ़ैसला किया है.
सरबजीत का दावा है कि वो नासिर हुसैन को नौ साल से जानती हैं.
वकील अहमद हसन पाशा ने बताया कि सरबजीत और नासिर की बातचीत इंस्टाग्राम पर होती रही है और छह महीने पहले दोनों ने शादी करने का फ़ैसला किया था.
वकील ने बताया कि ये दोनों उनके पास क़ानूनी मदद के लिए आए थे.
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशित.