यूजी-पीजी के परीक्षा फॉर्म की तिथि बढ़ाने की मांग:झालावाड़ में एबीवीपी ने कॉलेज प्रिंसिपल को सौंपा ज्ञापन
झालावाड़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के नाम कॉलेज प्राचार्य को एक ज्ञापन सौंपा गया। एबीवीपी के जिला संयोजक रवि मेघवाल ने बताया कि कोटा विश्वविद्यालय ने यूजी और पीजी प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया 27 दिसंबर 2025 से शुरू की थी। इसकी अंतिम तिथि 2 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। यह समय सीमा बहुत कम है और पोर्टल पर लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। इन समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अभी तक अपने आवेदन फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं। एबीवीपी ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि को तत्काल आगे बढ़ाया जाए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते तिथि नहीं बढ़ाई गई, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी कोटा विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस दौरान इन्द्र सिंह, प्रियांशु गोपाल, अरुण और अन्य छात्र-छात्राएं व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
झालावाड़ में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के कार्यकर्ताओं ने स्नातक (यूजी) और स्नातकोत्तर (पीजी) प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की है। इस संबंध में विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक के नाम कॉलेज प्राचार्य
.
एबीवीपी के जिला संयोजक रवि मेघवाल ने बताया कि कोटा विश्वविद्यालय ने यूजी और पीजी प्रथम सेमेस्टर के परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया 27 दिसंबर 2025 से शुरू की थी। इसकी अंतिम तिथि 2 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। यह समय सीमा बहुत कम है और पोर्टल पर लगातार तकनीकी खामियां आ रही हैं। इन समस्याओं के कारण बड़ी संख्या में विद्यार्थी अभी तक अपने आवेदन फॉर्म जमा नहीं कर पाए हैं।
एबीवीपी ने उग्र आंदोलन की दी चेतावनी ज्ञापन के माध्यम से कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए परीक्षा फॉर्म भरने की तिथि को तत्काल आगे बढ़ाया जाए। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते तिथि नहीं बढ़ाई गई, तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करेगी। इसकी समस्त जिम्मेदारी कोटा विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस दौरान इन्द्र सिंह, प्रियांशु गोपाल, अरुण और अन्य छात्र-छात्राएं व कार्यकर्ता मौजूद रहे।