धौलपुर में नए साल के पहले दिन बदला मौसम:शीतलहर ने बढ़ाई ठिठुरन, मावठ के आसार
धौलपुर में गुरुवार को नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया। शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कड़ाके की ठंड से लोगों की दैनिक दिनचर्या पर असर पड़ा है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है। गुरुवार को नए साल के पहले दिन आसमान में बरसाती बादल छा गए, जिससे मावठ (शीतकालीन वर्षा) की संभावना जताई जा रही है। हवा चलने के कारण कोहरे का असर कम रहा, हालांकि आसमान में धुंध छाई हुई है। कड़ाके की सर्दी से कामगारों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसलों पर सर्दी का मिला-जुला असर देखा जा रहा है। गेहूं, चना और मटर जैसी फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। वहीं, किसान सरसों और आलू जैसी नकदी फसलों में आंशिक नुकसान की आशंका जता रहे हैं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। ठंड से बचने के लिए लोग ऊनी कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं और जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं।
धौलपुर में गुरुवार को नए साल 2026 की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज बदल गया। शीतलहर के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ है। कड़ाके की ठंड से लोगों की दैनिक दिनचर्या पर असर पड़ा है। एक नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में यह बदलाव आया है। गुरुवार को
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हवा चलने के कारण कोहरे का असर कम रहा, हालांकि आसमान में धुंध छाई हुई है। कड़ाके की सर्दी से कामगारों और स्कूली बच्चों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फसलों पर सर्दी का मिला-जुला असर देखा जा रहा है। गेहूं, चना और मटर जैसी फसलों के लिए यह मौसम अनुकूल माना जा रहा है। वहीं, किसान सरसों और आलू जैसी नकदी फसलों में आंशिक नुकसान की आशंका जता रहे हैं।
मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी खराब मौसम की चेतावनी जारी की है। ठंड से बचने के लिए लोग ऊनी कपड़े पहनकर घरों से बाहर निकल रहे हैं और जगह-जगह अलाव का सहारा ले रहे हैं।