इधर, श्रमिकों ने फैक्ट्री संचालन को लेकर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
भास्कर संवाददाता | पाली गत 11 नवंबर से बंद पड़ी पुनायता इंडस्ट्रीयल एरिया की 188 फैक्ट्रियां अब कुछ दिन और नहीं चल पाएंगी। मामला लंबा खींचने की वजह बने पुनायता इंडस्ट्रियल एरिया में चोरी छिपे फैक्ट्री चला रहे कुछ उद्यमी। इन उद्यमियों ने बुधवार को बुधवार अल सुबह प्रदूषित पानी ट्रीटमेंट प्लांट-4 की पाइप लाइन में छोड़ दिया। जिससे प्रदूषित पानी ट्रीटमेंट प्लांट-4 के इनलेट से ओवफ्लो होकर पूरे प्लांट में फैल गया। पूरा प्लांट प्रदूषित पानी से लबालब हो गया। बाद में जिम्मेदारों ने यह पानी बांडी नदी में छोड़ दिया। प्रदूषित नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रदूषित पानी छोड़ने वाले उद्यमी का पता नहीं लगा सके। गौरतलब है कि बुधवार को ही ट्रीटमेंट प्लांट-4 से ट्रीटमेंट प्लांट-6 तक जाने वाली पाइप लाइन का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा वेरिफिकेशन होना था। जिससे बुधवार के बाद पुनायता की भी फैक्ट्रियां 5-5 केएलडी पर संचालित हो जाती। लेकिन कुछ उद्यमियों के चलते पूरे इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। पाइप लाइन खराब होेने के कारण मरम्मत का कार्य किया जा रहा था। इस मामले को लेकर सीईटीपी फाउंडेशन के अध्यक्ष अशोक लोढ़ा ने कोई जवाब नहीं दिया। आरओ अमित सोनी का कहना है कि अवैध रूप से पानी छोड़ने वाले उद्यमियों का पता लगा कर उनकी फैक्ट्री का कंसेंट टू ऑपरेटर निरस्त करने की कार्रवाई होगी। सीईटीपी फाउंडेशन ने 24 दिसंबर से ट्रीटमेंट प्लांट-6 को शुरू कर मंडिया रोड और इंडस्ट्रियल एरिया फेज 1 व 2 से 5-5 केएलडी प्रदूषित पानी ट्रीट करने के लिए लेना शुरू किया है। लेकिन पाइप लाइन की समस्या के चलते अभी पुनायता इंडस्ट्रियल एरिया के उद्यमियों ने पानी लेना शुरू नहीं किया है। इसके चलते सभी फैक्ट्रियां बंद चल रही थीं। उद्यमियों को रोज 2 से 3 लाख रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है। फाउंडेशन को फंड की जरूरत : इस बीच सीईटीपी फाउंडेशन ने उद्यमियों को दो महीने का प्रति केएलडी के हिसाब से 2 हजार 415 रुपए 31 दिसंबर 2025 और 15 जनवरी 2026 को चैक के माध्यम से जमा करवाने आदेश जारी कर दिए हैं। सीईटीपी के संचालन व रखरखाव कार्यों के लिए फाउंडेशन को फंड की आवश्यकता बताते हुए दो माह की किस्त की राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। बंद फैक्ट्रियों से बेरोजगार हुए श्रमिकों ने जिला लघु उद्योग मजदूर यूनियन के बैनर तले बुधवार को कलेक्टर का मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया कि मंडिया रोड, इंडस्ट्रियल एरिया, पुनायता इंडस्ट्रियल एरिया में रंगाई, छपाई व पावर प्रोसेस फैक्ट्रियां पिछले 11 नंबर 2025 से बंद हैं। करीब 50 हजार श्रमिक बेरोजगार हो गए हैं। इतना ही इंडस्ट्रियल एरिया में चाय की थड़ी, होटल वाले, लोडिंग टेक्सी, किराणा व सब्जी वाले भी बेरोजगार हो गया है। मजदूरों को मकान का किराया और भरण-पोषण करना तक भारी पड़ रहा है। इसलिए फैक्ट्रियों को तत्काल चालू करवा कर रोजगार दिलवाया जाए। इस मौके पर अध्यक्ष गोपालसिंह शेखावत, महामंत्री कानसिंह चौहान, कमलेश शुक्ला, राकेश तिवारी सहित कई श्रमिक मौजूद रहे।