जैसलमेर ऊर्जा के बाद सीमेंट हब बनेगा
सुधीर थानवी |जैसलमेर स्वर्णनगरी अब केवल पर्यटन और सरहदी गौरव के लिए ही नहीं बल्कि भारी उद्योगों के केंद्र के रूप में दुनिया के नक्शे पर चमकने को तैयार है। जिले के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। खींवसर और पारेवर में दो बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों का काम शुरू हो चुका है। इन दो प्लांटों से न केवल सालाना 20 लाख टन सीमेंट का उत्पादन होगा बल्कि करीब 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। आगामी 10 वर्ष में जैसलमेर जिले में कुल 10 बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियां स्थापित करने का लक्ष्य है। प्रचुर मात्रा में उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले लाइमस्टोन के भंडार ने निवेशकों को जैसलमेर की ओर आकर्षित किया है। आने वाले समय में जैसलमेर प्रदेश के सबसे बड़े सीमेंट प्रोडक्शन हब के रूप में उभरेगा। अब तक चित्तौड़गढ़ और सिरोही जिलों की पहचान थी।
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स्वर्णनगरी अब केवल पर्यटन और सरहदी गौरव के लिए ही नहीं बल्कि भारी उद्योगों के केंद्र के रूप में दुनिया के नक्शे पर चमकने को तैयार है। जिले के औद्योगिक इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ने जा रहा है। खींवसर और पारेवर में दो बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियों का काम शुरू हो चुका है। इन दो प्लांटों से न केवल सालाना 20 लाख टन सीमेंट का उत्पादन होगा बल्कि करीब 10 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा।
आगामी 10 वर्ष में जैसलमेर जिले में कुल 10 बड़ी सीमेंट फैक्ट्रियां स्थापित करने का लक्ष्य है। प्रचुर मात्रा में उपलब्ध उच्च गुणवत्ता वाले लाइमस्टोन के भंडार ने निवेशकों को जैसलमेर की ओर आकर्षित किया है। आने वाले समय में जैसलमेर प्रदेश के सबसे बड़े सीमेंट प्रोडक्शन हब के रूप में उभरेगा। अब तक चित्तौड़गढ़ और सिरोही जिलों की पहचान थी।