देवालयों में उमड़ी श्रद्धा
साल का पहला दिन भक्ति व दानपुण्य के नाम रहा। लोगों ने एक-दूसरे को नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। सूरज की पहली किरण के साथ श्रद्धालु भगवान के दर्शन को देवालयों में पहुंचने लगे। गोविंददेवजी मंदिर में नववर्ष के पहले दिन ठाकुरजी के दर्शन 10 घंटे तक कराए। मंगला झांकी में ढाई घंटे तक विशेष दर्शन हुए। महंत अंजन कुमार गोस्वामी के सान्निध्य में ठाकुरजी का पंचामृत अभिषेक कर नवीन पीली पोशाक धारण कराई। गोविंददेवजी को साफा पहनाकर मोर मुकुट धारण कराया। चंदन और पुष्प शृंगार किया। सभी मार्गों से वाहनों का प्रवेश निषेध किए जाने के चलते लोगों ने पैदल ही दर्शन किए। विधायक गोपाल शर्मा ने शृंगार झांकी में देहली पूजन कर सुख-शांति की कामना की। इससे पहले विधायक ने महिला सफाई कर्मचारी के पैर छूकर आशीर्वाद लिया। 56 प्रकार के लड्डुओं की झांकी सजाई मोती डूंगरी गणेशजी के पहली बार 56 प्रकार के लड्डुओं की झांकी सजाई गई। इसमें पिस्ता, सीताफल, वनीला, स्ट्रॉबेरी जैसे फ्लेवर के साथ-साथ बेसन, मोतीचूर, नारियल, रवा-सूजी, आटा, मेवा, मलाई, चूरमा, मूंग, ड्राई फ्रूट और गुलकंद से बने पारंपरिक लड्डुओं का भोग लगा। महंत कैलाश शर्मा के सान्निध्य में गणेशजी का विशेष शृंगार हुआ। मंदिर में दर्शनों के लिए 7 और निकास के लिए 8 बैरिकेड्स लगाए गए। वाहनों की पार्किंग सुबोध कॉलेज और राजस्थान यूनिवर्सिटी के सामने की गई। मोतीडूंगरी गणेशजी; के पिस्ता, सीताफल, स्ट्रॉबेरी और गुलकंद के लड्डुओं का भोगगोविंददेवजी; वाहनों की आवाजाही बंद, पैदल दर्शन किए, भक्तों का मेला लगा मोती डूंगरी गणेश मंदिर के लगा भक्तों का मेला। मनसा माता मंदिर व खोले के हनुमानजी के उमड़े भक्त; आमेर स्थित मनसा माता मंदिर में नववर्ष का उत्सव मनाया। सेवायत रोहित शर्मा ने बताया कि सुबह महंत सुष्मिता भट्टाचार्य ने पूजा-अर्चना की और विशेष शृंगार किया। इसके बाद भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हो गया, जो रात तक चलता रहा। इसी तरह खोले के हनुमान मंदिर में भगवान का अभिषेक कर सिंदूर चोला अर्पित किया। नरवर आश्रम सेवा समिति के महामंत्री बृजमोहन शर्मा ने बताया कि दर्शनार्थी को लड्डू बांटे गए। इसके अलावा गढ़ गणेशजी, नहर के गणेशजी, अंबालिका सिद्धेश्वर बाबा मंदिर, मिस्त्री खाना वाले हनुमानजी, आमेर के शिला माता, गलताजी, घाट के बालाजी, चांदपोल हनुमान जी, सांगानेरी गेट हनुमान जी, पापड़ वाले हनुमान जी सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे।