परिवहन विभाग करेगा सख्त कार्रवाई:बसों पर लगे कैरियर हटाने की मियाद खत्म, आज से कार्रवाई
निजी बसों की छतों पर अब सामान ढोया तो परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, बाल वाहिनियों सहित किसी भी यात्री वाहन की छत पर सामान ढोने के लिए लगाए गए कैरियर को 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से हटाया जाना था। लेकिन, अधिकतर बस संचालकों ने इस आदेश की अनदेखी की। जिले में करीब 900 बसों में अब भी कैरियर लगे हुए हैं। अब विभाग 1 जनवरी से ऐसी बसों पर कार्रवाई करेगा। इसके तहत छोटी बसों पर 5 हजार और बड़ी बसों पर 10 हजार जुर्माना लगाया जाएगा। आरटीओ ने क्षेत्र के सभी जिला परिवहन कार्यालयों और उड़नदस्तों के निरीक्षक व उप निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सभी बसों और यात्री वाहनों की जांच के निर्देश दिए हैं। नियमों के अनुसार यात्री वाहन में माल ढोना और छत पर यात्रियों को बैठाना प्रतिबंधित है। ग्रामीण बसों में ओवरलोडिंग की सबसे ज्यादा शिकायतें स्टेट कैरिज मार्गों पर गांवों से शहरों की ओर चलने वाली निजी और टूरिस्ट बसों में नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। उपनगरीय परमिट पर चल रही बसों में तय क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाया जा रहा है। छत पर यात्रियों के साथ भारी सामान भी ढोया जा रहा है। इनसे बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। कैरियर पर लदा सामान बिजली के तारों से टकरा जाता है। इससे आग लगने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। बीते दिनों ऐसे कई मामलों में यात्रियों की जान जोखिम में पड़ी। बसों में कैरियर हटाने से बसों में ओवर क्राउडिंग और माल परिवहन थमेगा।
निजी बसों की छतों पर अब सामान ढोया तो परिवहन विभाग सख्त कार्रवाई करेगा। स्टेज कैरिज, कॉन्ट्रैक्ट कैरिज, बाल वाहिनियों सहित किसी भी यात्री वाहन की छत पर सामान ढोने के लिए लगाए गए कैरियर को 31 दिसंबर तक अनिवार्य रूप से हटाया जाना था। लेकिन, अधिकतर बस स
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आरटीओ ने क्षेत्र के सभी जिला परिवहन कार्यालयों और उड़नदस्तों के निरीक्षक व उप निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित सभी बसों और यात्री वाहनों की जांच के निर्देश दिए हैं। नियमों के अनुसार यात्री वाहन में माल ढोना और छत पर यात्रियों को बैठाना प्रतिबंधित है।
ग्रामीण बसों में ओवरलोडिंग की सबसे ज्यादा शिकायतें स्टेट कैरिज मार्गों पर गांवों से शहरों की ओर चलने वाली निजी और टूरिस्ट बसों में नियमों की खुलेआम अनदेखी हो रही है। उपनगरीय परमिट पर चल रही बसों में तय क्षमता से ज्यादा यात्रियों को बैठाया जा रहा है।
छत पर यात्रियों के साथ भारी सामान भी ढोया जा रहा है। इनसे बड़े हादसे का खतरा बना रहता है। कैरियर पर लदा सामान बिजली के तारों से टकरा जाता है। इससे आग लगने की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। बीते दिनों ऐसे कई मामलों में यात्रियों की जान जोखिम में पड़ी। बसों में कैरियर हटाने से बसों में ओवर क्राउडिंग और माल परिवहन थमेगा।