अपराध रोकने को हथाई पर बैठ गप्पे मारेगी पुलिस:‘आपणी हथाई’ प्रोजेक्ट चलेगा, पुलिस का दावा-जनता से जुड़ाव बढ़ेगा
राजस्थान के जोधपुर की हथाई (चौपाल) संस्कृति अब अपराध भी रोकेगी। पुलिस पटरियों पर आम लोगों के साथ बैठकर गपशप करेगी और शहर का हाल जानेगी। पुलिस का मानना है कि इससे अपराध रुकेंगे और जनता से सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। पुलिस कमिश्नर और डीसीपी भी इनमें पहुंचेंगे। इसके लिए जोधपुर कमिश्नरेट 14 जनवरी मकर संक्रांति से ‘आपणी हथाई’ प्रोजेक्ट शुरू कर रहा है। हथाई का कल्चर मुख्यत जोधपुर के भीतरी इलाकों जालप मोहल्ला, खांडा फलसा, भीमजी की हथाई, नायों का बड़, नवचौकिया, गूंदी मोहल्ला जैसे इलाकों में है। हालांकि, अब युवा यह कल्चर बाहरी इलाकों में भी बढ़ा रहे हैं। चौपानसी हाउसिंग बोर्ड में भी युवाओं ने इस कल्चर को विकसित किया है। हथाई यानी घंटों बैठने और गप करने की जगह हथाई शब्द मारवाड़ी भाषा से जुड़ा है। इसे बैठक, चौपाल कह सकते हैं। हथाइयों पर 24 घंटे में लगभग हर समय कोई न कोई बैठा नजर आता है। बुजुर्ग और रिटायर्ड लोग हथाइयों पर ही समय बिताते हैं। कई जगह लोगों ने हथाइयों का निर्माण कराया है। ये विधायक कोष से भी बने हैं। "लोगों के बीच बैठकर उनकी परेशानियों को समझा और सुलझाया जा सकेगा। दूसरे विभागों से जुड़ी समस्याएं संबंधित विभागों तक पहुंचाएंगे।" - ओमप्रकाश, पुलिस कमिश्नर, जोधपुर
राजस्थान के जोधपुर की हथाई (चौपाल) संस्कृति अब अपराध भी रोकेगी। पुलिस पटरियों पर आम लोगों के साथ बैठकर गपशप करेगी और शहर का हाल जानेगी। पुलिस का मानना है कि इससे अपराध रुकेंगे और जनता से सीधी कनेक्टिविटी बनेगी। पुलिस कमिश्नर और डीसीपी भी इनमें पहुंचे
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हथाई का कल्चर मुख्यत
जोधपुर के भीतरी इलाकों जालप मोहल्ला, खांडा फलसा, भीमजी की हथाई, नायों का बड़, नवचौकिया, गूंदी मोहल्ला जैसे इलाकों में है। हालांकि, अब युवा यह कल्चर बाहरी इलाकों में भी बढ़ा रहे हैं। चौपानसी हाउसिंग बोर्ड में भी युवाओं ने इस कल्चर को विकसित किया है।
हथाई यानी घंटों बैठने और गप करने की जगह
हथाई शब्द मारवाड़ी भाषा से जुड़ा है। इसे बैठक, चौपाल कह सकते हैं। हथाइयों पर 24 घंटे में लगभग हर समय कोई न कोई बैठा नजर आता है। बुजुर्ग और रिटायर्ड लोग हथाइयों पर ही समय बिताते हैं। कई जगह लोगों ने हथाइयों का निर्माण कराया है। ये विधायक कोष से भी बने हैं।
"लोगों के बीच बैठकर उनकी परेशानियों को समझा और सुलझाया जा सकेगा। दूसरे विभागों से जुड़ी समस्याएं संबंधित विभागों तक पहुंचाएंगे।"
- ओमप्रकाश, पुलिस कमिश्नर, जोधपुर