हामीतेड स्कूल शिफ्टिंग का विरोध:ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर आदेश निरस्त करने की मांग की
डूंगरपुर में शिक्षा विभाग के एक आदेश के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह आदेश पंचायत समिति दोवड़ा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल हामीतेड को राजकीय प्राथमिक स्कूल बंदड़ा में ट्रांसफर करने से संबंधित है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आदेश रद्द करने की मांग की है। जिला परिषद सदस्य सुरमाल रोत के नेतृत्व में हामीतेड गांव के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए। उन्होंने स्कूल ट्रांसफर के आदेश के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। जिला परिषद सदस्य सुरमाल रोत ने बताया कि शिक्षा विभाग ने राजकीय प्राथमिक स्कूल हामीतेड के भवन के जर्जर होने के कारण उसे राजकीय प्राथमिक स्कूल बंदड़ा में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्कूल एक निजी भवन में संचालित हो रहा है, जहां कोई समस्या नहीं है। इसके अतिरिक्त, नए भवन के निर्माण के लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस स्कूल (बंदड़ा) में बच्चों को स्थानांतरित करने का आदेश दिया गया है, वहां जाने के लिए उन्हें नदी पार करनी पड़ेगी, जो बच्चों के लिए खतरनाक है। यदि बच्चे दूसरे रास्ते से पैदल जाते हैं, तो उन्हें लगभग 10 से 12 किलोमीटर की दूरी तय करनी होगी, जिससे उन्हें आने-जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। इन समस्याओं को देखते हुए, ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा और उक्त ट्रांसफर आदेश को तत्काल निरस्त करने की मांग की।
दोवड़ा राजकीय प्राथमिक स्कूल के ट्रांसफर के विरोध में ग्रामीणों ने डूंगरपुर कलेक्ट्रेट पर किया प्रदर्शन।
डूंगरपुर में शिक्षा विभाग के एक आदेश के विरोध में ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। यह आदेश पंचायत समिति दोवड़ा क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक स्कूल हामीतेड को राजकीय प्राथमिक स्कूल बंदड़ा में ट्रांसफर करने से संबंधित है। ग्रामीणों ने जिला कलेक्ट
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जिला परिषद सदस्य सुरमाल रोत के नेतृत्व में हामीतेड गांव के ग्रामीण कलेक्ट्रेट पर इकट्ठा हुए। उन्होंने स्कूल ट्रांसफर के आदेश के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया।
जिला परिषद सदस्य सुरमाल रोत ने बताया कि शिक्षा विभाग ने राजकीय प्राथमिक स्कूल हामीतेड के भवन के जर्जर होने के कारण उसे राजकीय प्राथमिक स्कूल बंदड़ा में स्थानांतरित करने का आदेश दिया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्कूल एक निजी भवन में संचालित हो रहा है, जहां कोई समस्या नहीं है। इसके अतिरिक्त, नए भवन के निर्माण के लिए बजट भी स्वीकृत हो चुका है।