चूरू मेडिकल कॉलेज में विसरा जांच शुरू:हिस्टोपैथोलॉजी लैब में अब फॉरेंसिक मेडिसिन सैंपल्स की भी जांच होगी
चूरू के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीयू) मेडिकल कॉलेज की हिस्टोपैथोलॉजी लैब में अब मानव शरीर से लिए गए विसरा की जांच की जाएगी। इस सुविधा के शुरू होने से पुलिस विभाग के लिए भी कई मामलों की जांच प्रक्रिया आसान हो जाएगी। पहले शवों से लिए गए विसरा और फोरेंसिक मेडिसिन के नमूनों की जांच के लिए जयपुर या बीकानेर भेजना पड़ता था। जांच रिपोर्ट आने तक पुलिस की पड़ताल भी प्रभावित होती थी। अब चूरू मेडिकल कॉलेज में ही विसरा और फोरेंसिक मेडिसिन के नमूनों की जांच संभव होगी, जिससे समय की बचत होगी और जांच में तेजी आएगी। पैथोलॉजी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. संतोष शर्मा ने बताया कि हिस्टोपैथोलॉजी लैब का उद्घाटन 14 अक्टूबर को हुआ था। उद्घाटन के बाद से 31 दिसंबर तक लैब में 360 बायोप्सी जांचें की जा चुकी हैं। ये सभी जांचें अस्पताल में ऑपरेशन से पहले और बाद में लिए गए बायोप्सी नमूनों की थीं। लैब खुलने के बाद अब नमूनों की जांच रिपोर्ट सात दिनों के भीतर उपलब्ध हो जाती है। लैब में पर्याप्त तकनीशियन होने के कारण काम सुचारू रूप से चल रहा है। अक्टूबर माह में 49 रोगियों की, नवंबर में 155 रोगियों की और 31 दिसंबर तक 156 रोगियों की बायोप्सी जांच की गई, जिससे कुल 76 दिनों में 360 जांचें पूरी हुईं। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. एम.एम. पुकार ने बताया कि लैब में विसरा जांच शुरू होने के संबंध में चूरू के पुलिस अधीक्षक, फोरेंसिक मेडिसिन विभाग और राजमेस के कमिश्नर को भी रिपोर्ट भेज दी गई है।
चूरू के पीडीयू मेडिकल कॉलेज की हिस्टोपैथोलॉजी लैब में अब मानव शरीर से लिए गए विसरा की जांच शुरू।
चूरू के पंडित दीनदयाल उपाध्याय (पीडीयू) मेडिकल कॉलेज की हिस्टोपैथोलॉजी लैब में अब मानव शरीर से लिए गए विसरा की जांच की जाएगी। इस सुविधा के शुरू होने से पुलिस विभाग के लिए भी कई मामलों की जांच प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
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पहले शवों से लिए गए विसरा और फोरेंसिक मेडिसिन के नमूनों की जांच के लिए जयपुर या बीकानेर भेजना पड़ता था। जांच रिपोर्ट आने तक पुलिस की पड़ताल भी प्रभावित होती थी। अब चूरू मेडिकल कॉलेज में ही विसरा और फोरेंसिक मेडिसिन के नमूनों की जांच संभव होगी, जिससे समय की बचत होगी और जांच में तेजी आएगी।
पैथोलॉजी विभाग की सहायक आचार्य डॉ. संतोष शर्मा ने बताया कि हिस्टोपैथोलॉजी लैब का उद्घाटन 14 अक्टूबर को हुआ था। उद्घाटन के बाद से 31 दिसंबर तक लैब में 360 बायोप्सी जांचें की जा चुकी हैं। ये सभी जांचें अस्पताल में ऑपरेशन से पहले और बाद में लिए गए बायोप्सी नमूनों की थीं।