आरएएस के नए सिलेबस पर अभ्यर्थियों की आपत्ति:मेंस में केमिस्ट्री और फिजिक्स का पार्ट नहीं हटाया, राजस्थान जीके का वेटेज भी नहीं बढ़ा
आरपीएससी ने आरएएस भर्ती के संशोधित सिलेबस में 12वीं की केमिस्ट्री व फिजिक्स का पार्ट नहीं हटाया है। वहीं, अन्य प्रदेशों की तुलना में राजस्थान जीके का वेटेज भी नहीं बढ़ने से अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के अभ्यर्थियों को नुकसान होगा। सिलेबस का एनालिसिस करने के बाद आरएएस की तैयारी में जुटे अभ्यर्थियों ने कुछ बिंदुओं को उठाया है। यूपी, मप्र की तरह राजस्थान जीके का अंक भार निश्चित हो मुख्य परीक्षा में राजस्थान सामान्य ज्ञान का अंक भार (25%) निश्चित करना चाहिए, ताकि राज्य के अभ्यर्थियों को अधिक लाभ मिल सके। अभ्यर्थी मनोज कुमार का कहना है कि यूपी, उत्तराखंड, मप्र, छत्तीसगढ़, झारखंड ने अपनी सिविल सेवा मुख्य परीक्षाओं में राज्य के सामान्य ज्ञान का अंक भार 25 से 30% तय कर रखा है। पंजाब और गुजरात ने स्थानीय भाषा के प्रश्नपत्र को उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर रखा है। परीक्षा एक्सपर्ट हरीश बेरी ने कहा कि नए सिलेबस में कई कमियां रह गई हैं। कला वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए विज्ञान से संबंधित सामग्री से समस्या आती है।
आरपीएससी ने आरएएस भर्ती के संशोधित सिलेबस में 12वीं की केमिस्ट्री व फिजिक्स का पार्ट नहीं हटाया है। वहीं, अन्य प्रदेशों की तुलना में राजस्थान जीके का वेटेज भी नहीं बढ़ने से अभ्यर्थियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के अभ्यर्थियों को
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- केवल आरपीएससी पूछ रही साइंस का पार्ट: अभ्यर्थियों का कहना है कि मुख्य परीक्षा के द्वितीय प्रश्नपत्र की इकाई-II से कक्षा-12 की रसायन व भौतिक विज्ञान की परमाणु संरचना, धातुकर्म सिद्धांत व विधियां, बफर की अवधारणा, स्थिर एवं धारा वैद्युतिकी, चुम्बकत्व, वैद्युत चुम्बकत्व, ध्वनि एवं विद्युत चुम्बकीय तरंगें आदि विषयों को हटाना चाहिए था। इससे सभी अभ्यर्थियों को समान अवसर मिल सकता है। इस तरह के विषय अन्य राज्यों में नहीं पूछे जाते हैं।
- सामान्य अध्ययन के पेपर 4 हों: मुख्य परीक्षा में सामान्य अध्ययन के प्रश्नपत्रों की संख्या 3 है। इन्हें बढ़ाकर 4 करना चाहिए। देश के किसी भी लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा की मुख्य परीक्षा में भाषा का अंकभार 25% नहीं है, जबकि राजस्थान में भाषा का अंकभार 25% है।
यूपी, मप्र की तरह राजस्थान जीके का अंक भार निश्चित हो
मुख्य परीक्षा में राजस्थान सामान्य ज्ञान का अंक भार (25%) निश्चित करना चाहिए, ताकि राज्य के अभ्यर्थियों को अधिक लाभ मिल सके। अभ्यर्थी मनोज कुमार का कहना है कि यूपी, उत्तराखंड, मप्र, छत्तीसगढ़, झारखंड ने अपनी सिविल सेवा मुख्य परीक्षाओं में राज्य के सामान्य ज्ञान का अंक भार 25 से 30% तय कर रखा है। पंजाब और गुजरात ने स्थानीय भाषा के प्रश्नपत्र को उत्तीर्ण करना अनिवार्य कर रखा है।