गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने की मांग:डीडवाना में संतों और गौ भक्तों की हुई बैठक, गोसेवा को परम धर्म बताया
डीडवाना की गोपाल गोशाला परिसर में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत एक बैठक आयोजित की गई। इसमें डीडवाना क्षेत्र के सैकड़ों सनातन धर्मावलंबियों और गौ-भक्तों ने पूज्य संत-महात्माओं के सानिध्य में भाग लिया। वक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है। उपस्थित संतों ने अपने उद्बोधन में गौ सेवा को परम धर्म बताया। उन्होंने प्रत्येक हिंदू परिवार से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि गौ संरक्षण का संकल्प समाज के सामूहिक प्रयासों से ही पूरा हो सकता है। बैठक में गोपाल गोशाला की मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। भविष्य में इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गौ-भक्तों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा किए। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने गौ माता की रक्षा और सम्मान के लिए निरंतर कार्य करने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर डीडवाना के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और गोशाला समिति के सदस्य भी मौजूद थे।
डीडवाना की गोपाल गोशाला परिसर में 'गौ सम्मान आह्वान अभियान' के तहत एक बैठक आयोजित की गई। इसमें डीडवाना क्षेत्र के सैकड़ों सनातन धर्मावलंबियों और गौ-भक्तों ने पूज्य संत-महात्माओं के सानिध्य में भाग लिया।
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वक्ताओं ने बैठक को संबोधित करते हुए गौ-हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने और गौ माता को राष्ट्रमाता का सम्मान दिलाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी व्यक्ति विशेष से जुड़ा नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य गौ माता की सेवा, सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना है।
उपस्थित संतों ने अपने उद्बोधन में गौ सेवा को परम धर्म बताया। उन्होंने प्रत्येक हिंदू परिवार से इस अभियान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि गौ संरक्षण का संकल्प समाज के सामूहिक प्रयासों से ही पूरा हो सकता है।
बैठक में गोपाल गोशाला की मौजूदा व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। भविष्य में इस अभियान को गांव-गांव तक पहुंचाने की रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा हुई। गौ-भक्तों ने उत्साहपूर्वक अपने विचार साझा किए। अंत में, सभी उपस्थित लोगों ने गौ माता की रक्षा और सम्मान के लिए निरंतर कार्य करने की सामूहिक शपथ ली। इस अवसर पर डीडवाना के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि और गोशाला समिति के सदस्य भी मौजूद थे।