मेडिकल बोर्ड से हुआ मृत कैदी का पोस्टमॉर्टम:मृतक का भाई बोला- मेरे भाई को फंसाया गया, निष्पक्ष जांच हो
पाली जिला कारागृह में तोलिए से फंदा लगाकर सुसाइड करने के मामले में मृत कैदी राजेन्द्र (20) का शनिवार को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल से मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमॉर्टम करवाया गया। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि उसके भाई को झूठे केस में फंसाया गया। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच करवाने और आर्थिक रूप से कमजोर परिवार को सरकारी सहायता दिलाने की मांग की। बता दे कि जैतारण थाने में एक नाबालिग से रेप के मामले में गिरफ्तार किया गया जोधपुर जिले के बोरूंदा निवासी 20 साल के राजू उर्फ राजेन्द्र को पुलिस ने गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया था। जहां से उसे न्यायिक 26 दिसम्बर को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। पाली कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित जेल में शुक्रवार दोपहर को राजेन्द्र ने जेल में बने बाथरूप मे तौलिए से फंदा लगाकर जान दे दी थी। न्यायिक अधिकारी ने लिए मृतक के परिजनों के बयान पाली के बांगड़ हॉस्पिटल मॉर्च्युरी के बाहर मृतक के परिजन शनिवार को पहुंचे। न्यायिक अधिकारी जेएम कोर्ट 2 भव्या झरवाल ने मृतक के भाई और अन्य परिजनों के बयान लिए। भाई को फंसाने का लगाया आरोप मृतक के बड़े भाई सोहनलाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसके मृतक भाई को जिस लड़की से रेप के मामले में जैतारण पुलिस ने गिरफ्तार किया। वह लड़की उसके साथ दो बार भाग चुकी है। दोनों शादी करना चाहते थे। लड़की ने बोरूंदा थाने में पुलिस को रिपोर्ट भी दी थी। जिसमें अपने पीहर पक्ष से खतरा होने की बात कही थी। लड़की के परिजन उसे जबरदस्ती ले गए और फिर झूठा मुकदमा दर्ज करवाया। उन्होंने इस मामले में भी निष्पक्ष जांच कर उसे फंसाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मृतक के पिता दिव्यांग, मां बीमार मृतक राजेन्द्र सात भाई-बहनों में छठे नंबर पर था। वह घर का कमाऊ लड़का था। उसके पिता दिव्यांग है और मां बीमार है। ऐसे में उसका भाई, अपनी बुआ, काका और अन्य परिजनों के साथ शनिवार को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचा। यह भी पढ़े - पाली जेल में 20 साल के कैदी ने किया सुसाइड:बाथरूम में फंदा लगाकर दी जान,पॉक्सो मामले में था बंद
पाली जिला कारागृह में तोलिए से फंदा लगाकर सुसाइड करने के मामले में मृत कैदी राजेन्द्र (20) का शनिवार को पाली के बांगड़ हॉस्पिटल से मेडिकल बोर्ड गठित कर पोस्टमॉर्टम करवाया गया। मृतक के भाई ने आरोप लगाया कि उसके भाई को झूठे केस में फंसाया गया। उन्होंने

