परमिट नहीं होने पर भी बीमा कंपनी को देना होगा क्लेम
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा एवं सदस्य रमेश कुमार गौड़ ने पाया कि वाहन दुर्घटना के समय बीमित था। आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के प्रसिद्ध न्याय दृष्टांत "अमलेंदु साहू बनाम ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी का हवाला दिया। आयोग ने कहा कि यदि पॉलिसी की शर्तों का तकनीकी उल्लंघन जैसे परमिट न होना होता है, तो भी बीमा कंपनी गैर-मानक आधार पर 75 प्रतिशत क्लेम देने के लिए उत्तरदायी है।आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि परिवादी द्वारा पूर्व में भुगतान की गई मरम्मत राशि 97 हजार 279 रुपए का 75 प्रतिशत यानी 75 हजार 959 रुपये अदा किए जाएं। इस राशि पर परिवाद पेश करने की तिथि से वसूली तक 6 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। भास्कर न्यूज| जैसलमेर जैसलमेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने वाहन बीमा क्लेम से जुड़े एक मामले में उपभोक्ता के हित में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन का परमिट नहीं है, तब भी बीमा कंपनी पूरी तरह क्लेम देने से मना नहीं कर सकती।परिवादी संतोष पालीवाल ने बोलेरो का बीमा आईसीआईसीआई लोंबार्ड कंपनी से करवाया था। जिसके लिए उन्होंने 49 हजार 486 रुपए का प्रीमियम भुगतान किया था। जोधपुर से वाहन लाते समय रास्ते में मवेशी सामने आ जाने के कारण गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना की सूचना बीमा कंपनी को दी गई और सर्वे भी कराया गया। कंपनी ने यह तर्क देते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन के पास वैध परमिट नहीं था।
मामले की सुनवाई के दौरान आयोग के अध्यक्ष पवन कुमार ओझा एवं सदस्य रमेश कुमार गौड़ ने पाया कि वाहन दुर्घटना के समय बीमित था। आयोग ने सर्वोच्च न्यायालय के प्रसिद्ध न्याय दृष्टांत "अमलेंदु साहू बनाम ओरिएंटल इंश्योरेंस कंपनी का हवाला दिया।
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आयोग ने कहा कि यदि पॉलिसी की शर्तों का तकनीकी उल्लंघन जैसे परमिट न होना होता है, तो भी बीमा कंपनी गैर-मानक आधार पर 75 प्रतिशत क्लेम देने के लिए उत्तरदायी है।आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि परिवादी द्वारा पूर्व में भुगतान की गई मरम्मत राशि 97 हजार 279 रुपए का 75 प्रतिशत यानी 75 हजार 959 रुपये अदा किए जाएं। इस राशि पर परिवाद पेश करने की तिथि से वसूली तक 6 प्रतिशत ब्याज भी देना होगा। भास्कर न्यूज| जैसलमेर जैसलमेर जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने वाहन बीमा क्लेम से जुड़े एक मामले में उपभोक्ता के हित में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि वाहन का परमिट नहीं है, तब भी बीमा कंपनी पूरी तरह क्लेम देने से मना नहीं कर सकती।परिवादी संतोष पालीवाल ने बोलेरो का बीमा आईसीआईसीआई लोंबार्ड कंपनी से करवाया था। जिसके लिए उन्होंने 49 हजार 486 रुपए का प्रीमियम भुगतान किया था।
जोधपुर से वाहन लाते समय रास्ते में मवेशी सामने आ जाने के कारण गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई। घटना की सूचना बीमा कंपनी को दी गई और सर्वे भी कराया गया। कंपनी ने यह तर्क देते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि दुर्घटना के समय वाहन के पास वैध परमिट नहीं था।