स्कूल में यातायात नियमों पर व्याख्यान, चौराहों पर हेलमेट-सीट बेल्ट को लेकर किया जागरूक
जिले में एक जनवरी से 31 जनवरी तक राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और आमजन को यातायात नियमों के प्रति जागरुक करना है। अभियान के दौरान यातायात पुलिस और परिवहन विभाग द्वारा संयुक्त रूप से विभिन्न जागरुकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी दी जा रही है। दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट पहनने और चारपहिया वाहन चालकों को सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। तेज गति से वाहन चलाने, शराब पीकर वाहन चलाने और मोबाइल फोन के उपयोग से होने वाले हादसों के खतरों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर बैनर, पोस्टर और पंपलेट लगाए गए हैं। अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जा रही है। बिना हेलमेट और बिना सीट बेल्ट वाहन चलाने वालों पर चालान किए जा रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और सुरक्षित वाहन चलाएं। सड़क सुरक्षा सभी की जिम्मेदारी है और सावधानी से ही दुर्घटनाओं को रोका जा सकता है। जिला पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद के निर्देशन में शनिवार को यातायात पुलिस द्वारा स्कूलों और कॉलेजों में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को यातायात नियमों के प्रति जागरुक किया गया। इस अभियान के अंतर्गत एसबीके स्कूल भरतपुर, जसवंत सीनियर सेकेंडरी स्कूल जसवंत नगर और एमएसजे कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना से जुड़े विद्यार्थियों को यातायात नियमों पर व्याख्यान दिए गए। विद्यार्थियों को सुरक्षित सड़क व्यवहार, हेलमेट और सीट बेल्ट के महत्व, तेज गति और लापरवाही से होने वाली दुर्घटनाओं के खतरों के बारे में जानकारी दी गई। यातायात पुलिस ने बिजलीघर चौराहे पर विशेष अभियान चलाकर दोपहिया वाहन चालकों को हेलमेट की उपयोगिता समझाई और भविष्य में अनिवार्य रूप से हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की हिदायत दी। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को किसी भी प्रकार का मोटर वाहन नहीं चलाने की सख्त समझाइश की गई। जिला पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना और स्कूली बच्चों व आम नागरिकों में सुरक्षित यातायात की भावना विकसित करना है।