जासूसी, ड्रोन और डुप्लीकेट घर में अभ्यास: अमेरिका ने मादुरो को ऐसे पकड़ा
अमेरिका ने एक छोटी सी टीम के ज़रिए मादुरो पर बारीकी से नज़र रखी. इसमें वेनेज़ुएला सरकार के भीतर का एक सूत्र भी शामिल था. ट्रंप और उनके अधिकारियों ने इस ऑपरेशन की पूरी जानकारी दी है.
जासूसी, ड्रोन और डुप्लीकेट घर में अभ्यास: अमेरिका ने मादुरो को ऐसे पकड़ा

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इमेज कैप्शन, निकोलस मादुरो को पकड़ने के बाद उनकी तस्वीर डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर शेयर की
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- Author, गैरेथ इवान्स
- पदनाम, वॉशिंगटन
- 4 जनवरी 2026
कई महीनों तक अमेरिकी जासूस वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हर गतिविधि पर नज़र रखे हुए थे.
यह एक छोटी टीम थी, जिसमें वेनेज़ुएला सरकार के भीतर का एक सूत्र भी शामिल था. शीर्ष सैन्य अधिकारियों का कहना है कि 63 साल के मादुरो कहां सोते थे, क्या खाते थे, क्या पहनते थे और यहां तक कि "उनके पालतू जानवरों" तक पर यह टीम नज़र रख रही थी.
इसके बाद दिसंबर की शुरुआत में "ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व" नाम के एक मिशन को अंतिम रूप दिया गया. यह महीनों की बारीकी से बनाई गई योजना और अभ्यास का नतीजा था, जिसमें अमेरिका के एलीट सैनिकों ने मादुरो के काराकास स्थित सुरक्षित ठिकाने का डुप्लीकेट बनाकर प्रवेश के रास्तों से घुसने का अभ्यास किया.
यह योजना पूरी तरह गोपनीय रखी गई. कांग्रेस को पहले से इसकी कोई जानकारी नहीं दी गई और न ही उससे सलाह ली गई. सभी सटीक विवरण तय हो जाने पर शीर्ष सैन्य अधिकारियों को बस सही समय का इंतज़ार करना था.
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यह ऑपरेशन शीत युद्ध के बाद लातिन अमेरिका में अमेरिका का एक असाधारण सैन्य हस्तक्षेप था.
अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि वे अचानक हमला करना चाहते थे. चार दिन पहले जब ट्रंप ने इस अभियान की मंज़ूरी दी, तब ही इसकी शुरुआत करने की कोशिश हुई. लेकिन फिर बेहतर मौसम और कम बादल छाए रहने का इंतज़ार करने का फ़ैसला किया गया.
अमेरिका के सबसे बड़े सैन्य अधिकारी जनरल डैन केन ने शनिवार सुबह एक प्रेस कॉन्फ़्रेंस में कहा, "क्रिसमस और नए साल के दौरान अमेरिका की सेना की महिलाएं और पुरुष हफ़्तों तक पूरी तैयारी के साथ बैठे रहे, धैर्यपूर्वक सही संकेतों और राष्ट्रपति के आदेश का इंतज़ार करते रहे."
'शुभकामनाएं, आपको कामयाबी मिले'

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इमेज कैप्शन, ट्रंप ने फ्लोरिडा स्थित अपने मार-ए-लागो रिसॉर्ट से इस ऑपरेशन का सीधा प्रसारण देखा
आख़िरकार मिशन शुरू करने का आदेश राष्ट्रपति की ओर से शुक्रवार रात 10 बजकर 46 मिनट (स्थानीय समयानुसार) पर आया. ट्रंप ने शनिवार को रातों-रात हुई कार्रवाई के कुछ घंटों बाद 'फ़ॉक्स एंड फ्रेंड्स' से कहा, "हम इसे चार दिन पहले, तीन दिन पहले या दो दिन पहले करने वाले थे और फिर अचानक हालात सही हुए और हमने कहा, जाओ करो."
जनरल केन ने बताया, "उन्होंने हमसे कहा और हम इसकी सराहना करते हैं… शुभकामनाएं, आपको कामयाबी मिले."
ट्रंप का आदेश काराकास में आधी रात से कुछ पहले आया, जिससे सेना को अंधेरे में काम करने के लिए लगभग पूरी रात का समय मिल गया.
इसके बाद जो कुछ हुआ, उसने वॉशिंगटन और दुनिया भर के कई लोगों को चौंका दिया. यह हवा, ज़मीन और समुद्र में चला ऑपरेशन था, जो दो घंटे 20 मिनट में पूरा हुआ. यह मिशन पैमाने और सटीकता के लिहाज़ से लगभग अभूतपूर्व था.
इसके तुरंत बाद कई क्षेत्रीय शक्तियों ने इसकी निंदा की. ब्राज़ील के राष्ट्रपति लूला डा सिल्वा ने कहा कि वेनेज़ुएला के नेता को हिंसक तरीक़े से पकड़ना "पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए एक और बेहद ख़तरनाक मिसाल" है.
ट्रंप ने व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम से इस मिशन पर नज़र नहीं रखी. इसके बजाय वह फ़्लोरिडा के पाम बीच पर स्थित अपने मार-ए-लागो क्लब में अपने सलाहकारों के साथ मौजूद थे, जहां उन्होंने सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ़ और विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ बैठकर अभियान का लाइव प्रसारण देखा.
ट्रंप ने शनिवार को कहा, "यह देखना अविश्वसनीय था. अगर आपने देखा होता कि क्या हुआ, मेरा मतलब है कि मैं इसे सचमुच एक टीवी शो के जैसे देख रहा था. और अगर आपने उनकी स्पीड, हिंसा देखी होती… यह वाक़ई हैरान करने वाला था, इन लोगों ने कमाल का काम किया."

पिछले कुछ महीनों में हज़ारों अमेरिकी सैनिक इस क्षेत्र में तैनात किए गए थे. एक एयरक्राफ़्ट कैरियर और दर्जनों युद्धपोतों के साथ यह दशकों में सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा था, क्योंकि राष्ट्रपति ट्रंप ने मादुरो पर मादक पदार्थों की तस्करी और 'नार्को-टेररिज़्म' के आरोप लगाए थे और क्षेत्र में कथित ड्रग्स ले जाने वाली दर्जनों नौकाओं को तबाह किया था.
लेकिन, 'ऑपरेशन एब्सोल्यूट रिज़ॉल्व' के शुरुआती संकेत आसमान में दिखाई दिए. अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक़, बमवर्षक, लड़ाकू विमान और निगरानी विमानों सहित 150 से ज़्यादा विमान रात भर में तैनात किए गए.
ट्रंप ने फ़ॉक्स न्यूज़ से कहा, "यह बहुत जटिल था, बेहद जटिल. पूरा युद्धाभ्यास, लैंडिंग, विमानों की संख्या. हर संभावित स्थिति के लिए हमारे पास एक लड़ाकू विमान था."
स्थानीय समय के मुताबिक़ क़रीब 02:00 बजे काराकास में ज़ोरदार धमाकों की आवाज़ सुनी गई और शहर के ऊपर धुएं के गुबार उठते देखे गए.
रिपोर्टर आना वेनेसा हरेरो ने बीबीसी को बताया, "मैंने एक बहुत तेज़ आवाज़ सुनी, ज़ोरदार धमाका. इससे सारी खिड़कियां हिल गईं. उसके तुरंत बाद मैंने धुएं का एक बहुत बड़ा बादल देखा, जिसने लगभग पूरा नज़ारा ढक लिया."
उन्होंने कहा, "पूरे शहर में विमान और हेलीकॉप्टर उड़ रहे थे."
जल्द ही सोशल मीडिया पर तेज़ी से कई वीडियो फैलने लगे, जिनमें आसमान में कई विमानों और धमाकों के बाद के हालात को दिखाया गया. एक वीडियो में हेलीकॉप्टरों का काफ़िला काराकास के ऊपर कम ऊंचाई पर उड़ता दिखा, जबकि नीचे धमाकों से उठता धुआं दिखाई दे रहा था.
एक चश्मदीद, डैनिएला ने बीबीसी को बताया, "हम लगभग 01:55 बजे धमाकों की गड़गड़ाहट और काराकास के ऊपर उड़ते विमानों की आवाज़ से जाग गए. सब कुछ पूरी तरह अंधेरे में डूब गया था, सिर्फ़ पास में हो रहे धमाकों की चमक दिखाई दे रही थी."
उन्होंने कहा, "पड़ोसी ग्रुप चैट में एक-दूसरे को मैसेज कर रहे थे, सब उलझन में थे, किसी को समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है और धमाकों से सब डरे हुए थे."
बीबीसी वेरिफ़ाई ने काराकास के अलग-अलग इलाक़ों में धमाकों, आग और धुएं को दिखाने वाले कई वीडियो की जांच की है और यह पता लगाने की कोशिश की है कि अमेरिकी ऑपरेशन के दौरान किन जगहों को निशाना बनाया गया.
अब तक बीबीसी वेरिफ़ाई ने पांच जगहों की पुष्टि की है, जिनमें जनरलिसिमो फ़्रांसिस्को दे मिरांडा एयर बेस, ला कार्लोटा नाम का हवाई क्षेत्र और काराकास को कैरिबियन सागर से जोड़ने वाला पोर्ट ला गुआइरा शामिल है.
अधिकारियों के मुताबिक़, कुछ हवाई हमलों में एयर डिफ़ेंस सिस्टम्स और अन्य सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि मिशन शुरू होने से पहले अमेरिका ने काराकास की बिजली काट दी थी, हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि यह कैसे किया गया.
उन्होंने कहा, "हमारी एक ख़ास विशेषज्ञता की वजह से काराकास की बिजली काफ़ी हद तक बंद कर दी गई थी. वहां अंधेरा था और वह घातक था."
'उन्हें पता था हम आ रहे हैं'

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इमेज कैप्शन, राष्ट्रपति ट्रंप और सीआईए निदेशक जॉन रैटक्लिफ़ वेनेज़ुएला में हुए अमेरिकी ऑपरेशन को वॉशिंगटन से देख रहे थे
जब काराकास के चारों ओर हमलों की आवाज़ गूंज रही थी, उसी समय अमेरिकी सैनिक शहर में दाख़िल हो रहे थे. बीबीसी के अमेरिकी सहयोगी सीबीएस से जुड़े सूत्रों के मुताबिक़, इनमें एलीट डेल्टा फ़ोर्स के सदस्य भी शामिल थे, जो अमेरिकी सेना की टॉप स्पेशल मिशन यूनिट है.
वे भारी हथियारों से लैस थे और साथ में एक ब्लोटॉर्च भी लेकर गए थे, जिससे कि ज़रूरत पड़ने पर मादुरो के सेफ़ हाउस के मेटल के दरवाज़े काटे जा सकें.
जनरल केन के मुताबिक़, स्थानीय समय के अनुसार 02:01 बजे हमले शुरू होने के कुछ ही देर बाद सैनिक मादुरो के ठिकाने पर पहुंच गए. ट्रंप ने उस सुरक्षित ठिकाने को काराकास के बीचोंबीच स्थित एक भारी सुरक्षा वाला सैन्य "क़िला" बताया.
उन्होंने कहा, "वे पूरी तैयारी करके बैठे थे और हमारा इंतज़ार कर रहे थे. उन्हें पता था हम आ रहे हैं."
सैनिकों के पहुंचते ही उन पर गोलीबारी शुरू हुई और एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर को भी निशाना बनाया गया. हालांकि वह उड़ान भरने में कामयाब रहा.
जनरल केन ने कहा, "मादुरो को पकड़ने वाली टीम उनके परिसर में उतरी और तेज़ी, सटीकता और अनुशासन के साथ आगे बढ़ी."
ट्रंप ने कहा, "वे सीधे अंदर घुस गए और उन जगहों में भी घुसे, जहां घुसना आसान नहीं था, जैसे स्टील के दरवाज़े, जो ख़ास तौर पर इसी वजह से लगाए गए थे."
इस ऑपरेशन में मादुरो की पत्नी सिलिया फ़्लोरेस को भी पकड़ा गया.

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इमेज कैप्शन, अमेरिका ने काराकस के आसपास कई जगहों पर हमले किए, जिनमें वेनेज़ुएला का सबसे बड़ा सैन्य ठिकाना फोर्ते तियुना भी शामिल है
ऑपरेशन के दौरान विदेश मंत्री रूबियो ने सांसदों को इस कार्रवाई के बारे में जानकारी देनी शुरू की. इस फ़ैसले को लेकर बाद में कांग्रेस के कुछ सदस्यों ने नाराज़गी जताई.
सीनेट में डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता चक शूमर ने कहा, "मैं साफ़ कहना चाहता हूं. निकोलस मादुरो एक अवैध तानाशाह हैं. लेकिन कांग्रेस की अनुमति के बिना और आगे क्या होगा, इसकी कोई विश्वसनीय योजना बनाए बिना सैन्य कार्रवाई शुरू करना लापरवाही है."
शनिवार को हुई प्रेस कॉन्फ़्रेंस में रूबियो ने कहा कि अगर कांग्रेस को पहले जानकारी दी जाती तो मिशन ख़तरे में पड़ सकता था. ट्रंप ने जोड़ा, "कांग्रेस में जानकारी लीक होने की आशंका रहती है. यह अच्छा नहीं होता."
निकोलस मादुरो ने हाल के महीनों में कथित तौर पर क्यूबा के अंगरक्षकों पर ज़्यादा निर्भरता बढ़ा दी थी.
ट्रंप के मुताबिक़, जब एलीट अमेरिकी सैनिक मादुरो के परिसर में दाख़िल हो रहे थे, तब वेनेज़ुएला के राष्ट्रपति एक सुरक्षित कमरे की ओर भागने की कोशिश कर रहे थे.
उन्होंने कहा, "वह एक सुरक्षित जगह तक पहुंचने की कोशिश कर रहे थे, जो सुरक्षित नहीं होती, क्योंकि हम क़रीब 47 सेकंड में उस दरवाज़े को उड़ा देते."
उन्होंने कहा, "वह दरवाज़े तक पहुंच गए थे. लेकिन उसे बंद नहीं कर पाए. उन्हें इतनी तेज़ी से घेर लिया गया कि वह उस कमरे में घुस ही नहीं पाए."
जब उनसे पूछा गया कि अगर गिरफ़्तारी का विरोध होता तो क्या अमेरिका मादुरो को मार सकता था, तो ट्रंप ने कहा, "ऐसा हो सकता था."
उन्होंने बताया कि अमेरिकी पक्ष के "एक-दो लोग घायल हुए" हैं, लेकिन किसी भी सैनिक की मौत नहीं हुई. उधर, वेनेज़ुएला के अधिकारियों ने किसी भी मौत की पुष्टि नहीं की है.
इससे पहले अमेरिका ने मादुरो की गिरफ़्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने वाले को पांच करोड़ डॉलर का इनाम देने की घोषणा की थी.
लेकिन शनिवार सुबह स्थानीय समय के मुताबिक़ 04:20 बजे तक मादुरो और उनकी पत्नी अमेरिकी न्याय मंत्रालय की हिरासत में थे और उन्हें लेकर हेलीकॉप्टर वेनेज़ुएला की सीमा से बाहर निकल रहे थे. मादुरो और उनकी पत्नी को न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा था, जहां उन पर आपराधिक मुक़दमे चलने की उम्मीद है.
क़रीब एक घंटे बाद ट्रंप ने दुनिया को उनके पकड़े जाने की ख़बर दी. उन्होंने कहा, "मादुरो और उनकी पत्नी को जल्द ही अमेरिकी न्याय व्यवस्था की पूरी ताक़त का सामना करना पड़ेगा."
बीबीसी के लिए कलेक्टिव न्यूज़रूम की ओर से प्रकाशितो