भास्कर न्यूज | नागौर विकसित राजस्थान 2047 विजन डॉक्यूमेंट और नई शिक्षा नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा 2030 तक 30 नए विश्वविद्यालय और 11 नई इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लक्ष्य के बीच नागौर जिला मुख्यालय पर राज्य विश्वविद्यालय (एकेडमिक), राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज तथा नगर विकास न्यास के गठन की मांग तेज हो गई है। कॉमन यूथ फोरम की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम पत्र लिख ये मांगे उठाई है। शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, समाजसेवियों व युवाओं का कहना है कि नागौर शिक्षा, प्रतिभा और भौगोलिक दृष्टि से इस श्रेणी में स्वाभाविक पात्रता रखता है। नागौर व डीडवाना-कुचामन जिलों में 150 से अधिक कॉलेज संचालित हैं, जिनमें 29 सरकारी और 125 से अधिक निजी कॉलेज शामिल हैं। इन दोनों जिलों में नियमित व स्वयंपाठी मिलाकर दो लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में भी नागौर के प्रतिभावान युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। आरएएस 2023 परीक्षा के परिणाम में टॉप-10 में नागौर के तीन चयन हुए। वहीं 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में नागौर जिला अक्सर राज्य के शीर्ष जिलों की सूची में शामिल रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहां विद्यार्थियों की संख्या के साथ-साथ गुणवत्ता भी मजबूत है। वर्तमान संबद्ध विश्वविद्यालय अजमेर नागौर से लगभग 150 किलोमीटर दूर है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे नागौर सहित संपूर्ण पश्चिमी राजस्थान के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग को लेकर भी लंबे समय से आवाज उठती रही है। वर्ष 2023-24 में राज्य में तीन नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज खोले गए, लेकिन नागौर को इसमें स्थान नहीं मिला। नागरिकों का कहना है कि नागौर रेलमार्ग, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां स्थापित संस्थानों का लाभ आसपास के जिलों के युवाओं को भी मिलेगा। इसी के साथ नागौर शहर में नगर विकास न्यास (यूआईटी) के गठन की मांग भी जोर पकड़ रही है। नागौर-बासनी क्षेत्र की वर्तमान जनसंख्या दो लाख से अधिक आंकी जा रही है, जो वर्ष 2050 तक पांच लाख के आसपास पहुंचने का अनुमान है।
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विकसित राजस्थान 2047 विजन डॉक्यूमेंट और नई शिक्षा नीति के तहत राज्य सरकार द्वारा 2030 तक 30 नए विश्वविद्यालय और 11 नई इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लक्ष्य के बीच नागौर जिला मुख्यालय पर राज्य विश्वविद्यालय (एकेडमिक), राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज तथा नगर विकास न्यास के गठन की मांग तेज हो गई है। कॉमन यूथ फोरम की ओर से मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम पत्र लिख ये मांगे उठाई है। शिक्षाविदों, अधिवक्ताओं, समाजसेवियों व युवाओं का कहना है कि नागौर शिक्षा, प्रतिभा और भौगोलिक दृष्टि से इस श्रेणी में स्वाभाविक पात्रता रखता है। नागौर व डीडवाना-कुचामन जिलों में 150 से अधिक कॉलेज संचालित हैं, जिनमें 29 सरकारी और 125 से अधिक निजी कॉलेज शामिल हैं। इन दोनों जिलों में नियमित व स्वयंपाठी मिलाकर दो लाख से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में भी नागौर के प्रतिभावान युवाओं ने उल्लेखनीय सफलता अर्जित की है। आरएएस 2023 परीक्षा के परिणाम में टॉप-10 में नागौर के तीन चयन हुए।
वहीं 10वीं व 12वीं बोर्ड परीक्षाओं में नागौर जिला अक्सर राज्य के शीर्ष जिलों की सूची में शामिल रहता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यहां विद्यार्थियों की संख्या के साथ-साथ गुणवत्ता भी मजबूत है। वर्तमान संबद्ध विश्वविद्यालय अजमेर नागौर से लगभग 150 किलोमीटर दूर है, ऐसे में स्थानीय स्तर पर राज्य विश्वविद्यालय की स्थापना से छात्रों को बड़ी राहत मिलेगी। इससे नागौर सहित संपूर्ण पश्चिमी राजस्थान के विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध हो सकेंगे। इंजीनियरिंग कॉलेज की मांग को लेकर भी लंबे समय से आवाज उठती रही है। वर्ष 2023-24 में राज्य में तीन नए सरकारी इंजीनियरिंग कॉलेज खोले गए, लेकिन नागौर को इसमें स्थान नहीं मिला।
नागरिकों का कहना है कि नागौर रेलमार्ग, राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों से सीधे जुड़ा हुआ है, इसलिए यहां स्थापित संस्थानों का लाभ आसपास के जिलों के युवाओं को भी मिलेगा। इसी के साथ नागौर शहर में नगर विकास न्यास (यूआईटी) के गठन की मांग भी जोर पकड़ रही है। नागौर-बासनी क्षेत्र की वर्तमान जनसंख्या दो लाख से अधिक आंकी जा रही है, जो वर्ष 2050 तक पांच लाख के आसपास पहुंचने का अनुमान है।