घरेलू सामान की खरीदारी ज्यादा, चौथ माता मेले का समापन आज
भास्कर न्यूज | चौथ का बरवाड़ा कस्बे में चौथ माता का सात दिवसीय मेला चल रहा है। मेले में ग्रामीण इलाकों की महिलाओं की संख्या अधिक होने से पूरा मेला मैदान रंग-बिरंगी पोशाक में रंगा हुआ नजर आ रहा है। मेले के छठे दिन शनिवार को दोपहर के समय भक्तों की मेला मैदान में भीड़ रही। बड़ी संख्या में लोगों ने झूले चकरी का आनंद लिया। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक अब तक 6 लाख से अधिक भक्त चौथ माता मेले में पहुंच चुके हैं तथा 3 करोड़ से अधिक का कारोबार हो चुका है। चौथ माता मेले का समापन बुधवार दोपहर मेला कैंप पर किया जाएगा। चौथ माता मेले के छठे दिन शनिवार सुबह एक बार फिर मौसम खराब होने के कारण भक्तों की संख्या में सुबह के समय कमी रही। सुबह के समय तेज बर्फीली हवाएं जारी रही। करीब 11 बजे मौसम खुलने के बाद भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं ट्रैक्टर ट्राली में बैठकर एवं पैदल चलकर मेले में पहुंची। यहां झूले चकरी का आनंद लेने के साथ-साथ महिलाओं ने खरीदारी पर ध्यान रखा। महिलाएं मेला मैदान में लगी मिट्टी के बर्तन की दुकान से मिट्टी के तवे, पानी के मटके एवं अन्य सामान खरीदती हुई नजर आई। इसके साथ ही लोहा बाजार में भी लोहे की कढ़ाई, चूल्हा एवं घर में काम आने वाले सामान की बिक्री हुई। दोपहर में मेला मैदान में अन्य दिनों की तरह ही भीड़ नजर आई। साथ ही लोग झुंड बनाकर नाचते गाते हुए नजर आए। सात दिनों से चल रहे मेले का समापन बुधवार दोपहर 2 बजे मेला कैंप होगा। मेले को लेकर समीक्षा बैठक की जाएगी। साथ ही जो कमियां पाई गई हैं, उन्हें अगले मेले में दूर करने को लेकर कार्य किया जाएगा।
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कस्बे में चौथ माता का सात दिवसीय मेला चल रहा है। मेले में ग्रामीण इलाकों की महिलाओं की संख्या अधिक होने से पूरा मेला मैदान रंग-बिरंगी पोशाक में रंगा हुआ नजर आ रहा है। मेले के छठे दिन शनिवार को दोपहर के समय भक्तों की मेला मैदान में भीड़ रही। बड़ी संख्या में लोगों ने झूले चकरी का आनंद लिया। मंदिर ट्रस्ट के मुताबिक अब तक 6 लाख से अधिक भक्त चौथ माता मेले में पहुंच चुके हैं तथा 3 करोड़ से अधिक का कारोबार हो चुका है। चौथ माता मेले का समापन बुधवार दोपहर मेला कैंप पर किया जाएगा।
चौथ माता मेले के छठे दिन शनिवार सुबह एक बार फिर मौसम खराब होने के कारण भक्तों की संख्या में सुबह के समय कमी रही। सुबह के समय तेज बर्फीली हवाएं जारी रही। करीब 11 बजे मौसम खुलने के बाद भक्तों के आने का सिलसिला शुरू हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं ट्रैक्टर ट्राली में बैठकर एवं पैदल चलकर मेले में पहुंची। यहां झूले चकरी का आनंद लेने के साथ-साथ महिलाओं ने खरीदारी पर ध्यान रखा। महिलाएं मेला मैदान में लगी मिट्टी के बर्तन की दुकान से मिट्टी के तवे, पानी के मटके एवं अन्य सामान खरीदती हुई नजर आई। इसके साथ ही लोहा बाजार में भी लोहे की कढ़ाई, चूल्हा एवं घर में काम आने वाले सामान की बिक्री हुई। दोपहर में मेला मैदान में अन्य दिनों की तरह ही भीड़ नजर आई। साथ ही लोग झुंड बनाकर नाचते गाते हुए नजर आए।