नियमित मॉनिटरिंग का अभाव व पर्याप्त कार्मिक नहीं होने के कारण श्मशान घाट की स्थिति बिगड़ी
भास्कर न्यूज| बाड़मेर शहर के सार्वजनिक मोक्षधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। मोक्षधाम परिसर में चारों ओर कचरे के ढेर, गंदगी, बदबू और अव्यवस्थाओं का आलम है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिस स्थान पर अंतिम संस्कार और श्रद्धा के भाव होने चाहिए, वहां अव्यवस्था और असंवेदनशीलता का दृश्य आमजन को आहत कर रहा है। पूर्व में श्मशान विकास समिति की ओर से मोक्षधाम की नियमित देखरेख की जाती थी। समिति के माध्यम से साफ-सफाई, बगीचे का रख-रखाव, पानी व अन्य व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत सुचारू थी, लेकिन अब हालात लगातार बिगड़ते चले गए। वर्तमान में मोक्षधाम में न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही बुनियादी सुविधाओं पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में शवयात्रा के साथ आने वालों को परेशानी होती है।
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शहर के सार्वजनिक मोक्षधाम इन दिनों बदहाली का शिकार है। मोक्षधाम परिसर में चारों ओर कचरे के ढेर, गंदगी, बदबू और अव्यवस्थाओं का आलम है, लेकिन जिम्मेदार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रही है। जिस स्थान पर अंतिम संस्कार और श्रद्धा के भाव होने चाहिए, वहां अव्यवस्था और असंवेदनशीलता का दृश्य आमजन को आहत कर रहा है।
पूर्व में श्मशान विकास समिति की ओर से मोक्षधाम की नियमित देखरेख की जाती थी। समिति के माध्यम से साफ-सफाई, बगीचे का रख-रखाव, पानी व अन्य व्यवस्थाएं अपेक्षाकृत सुचारू थी, लेकिन अब हालात लगातार बिगड़ते चले गए। वर्तमान में मोक्षधाम में न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही बुनियादी सुविधाओं पर कोई ध्यान दिया जा रहा है। ऐसे में शवयात्रा के साथ आने वालों को परेशानी होती है।