जालोर में पंचायत-पुनर्गठन को लेकर विरोध और आपत्तियां:रामा को यथावत, मालपुरा को उम्मेदपुर में रखने की मांग; बोले-राजनीति न करें
जालोर की भाद्राजून पंचायत समिति के पुनर्गठित वार्डों में नया रामा गांव को जोड़ने का विरोध हो गया है। गांव वालों का कहना है कि हमें वार्ड संख्या 2 में जोड़ दिया है। इस पर हम कड़ी आपत्ति दर्ज कराते हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नया रामा गांव को उसके मूल ग्राम पंचायत मुख्यालय रामा के वार्ड संख्या 3 में ही रहने दिया जाए। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान पुनर्गठन में वार्ड संख्या 2 की कुल जनसंख्या लगभग 8010 है, जबकि वार्ड संख्या 3 की जनसंख्या मात्र 3585 है। दूरी के आधार पर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। उन्होंने बताया कि वार्ड संख्या 3 के मुख्य गांव रामा से नया रामा गांव की दूरी मात्र 250 मीटर है। जबकि वार्ड संख्या 2 के गांव भोरड़ा से नया रामा की दूरी लगभग 9 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त वार्ड संख्या 2 के अन्य गांव मोतीसरी एवं नीलकंठ करीब 15 किलोमीटर दूर स्थित हैं, जिससे ग्रामीणों को प्रशासनिक कार्यों में भारी असुविधा होगी। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि नया रामा गांव मूल रूप से ग्राम पंचायत रामा का ही हिस्सा रहा है। पूर्व में राजस्व ग्राम बनने से पहले यह रामा गांव का अंग था, जिसे वर्ष 2001 की बाढ़ के बाद अलग पहचान मिली। भौगोलिक, सामाजिक एवं प्रशासनिक दृष्टि से नया रामा आज भी रामा पंचायत से जुड़ा हुआ है। आहोर के मालपुरा गांव के लोगों ने जताई आपत्ति जालोर जिला कलेक्ट्रेट के सामने ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन कर जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर आपत्ति जताई और ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम मालपुरा और उम्मेदपुर की आबादी आपस में पूर्ण रूप से जुड़ी हुई है। दोनों गांवों के बीच किसी प्रकार की स्पष्ट राजस्व या भौगोलिक सीमा का निर्धारण संभव नहीं है। मौके पर स्थिति यह है कि कई आवासीय मकान आधे मालपुरा और आधे उम्मेदपुर की सीमा में स्थित हैं। ऐसे में एक ही राजस्व ग्राम को दो अलग-अलग ग्राम पंचायतों में विभाजित करना सरकार की गाइड लाइन के खिलाफ है। ग्रामीणों का कहना है कि मालपुरा और उम्मेदपुर गांवों के बीच एक इंच की भी दूरी नहीं है, जबकि नियमों को दरकिनार कर ग्राम मालपुरा को करीब 2.5 किलोमीटर दूर स्थित नवसृजित ग्राम पंचायत बैदाना में शामिल करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। इससे भविष्य में पंचायत परिसीमन, विकास कार्यों, सीसी रोड, नालियों, स्ट्रीट लाइट सहित अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर गंभीर विवाद उत्पन्न होना तय है। ग्रामीणों ने राज्य सरकार की गाइडलाइन का हवाला देते हुए कहा- पंचायती राज विभाग के निर्देशों के अनुसार जनसंख्या मानक में 15 प्रतिशत तक की छूट दी गई है। इसके तहत 2550 की जनसंख्या पर नई ग्राम पंचायत बनाई जा सकती है। ऐसे में केवल ग्राम बैदाना (1686) और बैदाना खुर्द (917) की संयुक्त जनसंख्या 2603 होने से नई ग्राम पंचायत का गठन संभव है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया- दिनांक 25 फरवरी 2025 को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जाकर सभी राजस्व दस्तावेज, सैटेलाइट फोटो एवं मौके की स्थिति के साथ लिखित आपत्ति दर्ज करवाई थी। ग्राम मालपुरा को ग्राम पंचायत उम्मेदपुर में यथावत रखने की मांग की थी। लेकिन प्रशासन के अधीनस्थ अधिकारियों द्वारा की गई जांच में मनगढ़ंत, तथ्यहीन और भ्रामक रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। इसके आधार पर राज्य सरकार को गलत रिपोर्ट भेजकर ग्राम मालपुरा को नई ग्राम पंचायत बैदाना में जोड़ दिया गया। ग्राम मालपुरा वासियों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि वे स्वयं मौके पर उपस्थित होकर वास्तविक स्थिति का अवलोकन करें, निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार कर राज्य सरकार को भेजें और ग्राम मालपुरा को ग्राम पंचायत उम्मेदपुर में यथावत रखने की अनुशंसा करें। ग्रामीणों का कहना है कि उन्हें अब केवल जिला कलेक्टर से ही न्याय की उम्मीद है। इस दौरान धन्नाराम, लक्ष्मणराम, डायाराम, वेलाराम, जीवाराम, भबूताराम,धनाराम, जोगाराम पटेल, वागाराम, फूलाराम, नाथूराम, सावालाराम व निम्बाराम समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।