विधायक की मौजूदगी में जब्त ट्रैक्टर ले गए ग्रामीण:रेंजर को दी कुचलने की धमकी, अवैध बजरी पर कार्रवाई के बाद तनाव
ब्यावर क्षेत्र में अवैध बजरी परिवहन पर कार्रवाई के बाद रविवार को तनाव की स्थिति बन गई। वन विभाग द्वारा जब्त की गई एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को ग्रामीण कथित तौर पर विधायक शंकरसिंह रावत की मौजूदगी में जबरन ले गए। यह घटना देलवाड़ा रोड स्थित वन विभाग कार्यालय पर हुई, जहां ग्रामीण प्रदर्शन कर रहे थे। इस दौरान कार्रवाई करने वाले रेंजर को भी ट्रैक्टर से कुचलने की धमकी दी गई। वन विभाग ने बीती रात अवैध बजरी परिवहन में संलिप्त एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को नियमानुसार जब्त किया था। यह कार्रवाई एसआईटी के तहत गठित कमेटी के सदस्य एवं रेंजर अश्विनी पारीक द्वारा की गई थी। ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय पर किया प्रदर्शन कार्रवाई से नाराज ग्रामीणों ने वन विभाग कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान रेंजर अश्विनी पारीक के साथ कथित तौर पर अभद्रता भी की गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए माइनिंग विभाग के एमई और सिटी थाना पुलिस के एसआई रोडू राम जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे। सूचना मिलने पर ब्यावर विधायक शंकरसिंह रावत भी घटनास्थल पर पहुंचे। विधायक की मौजूदगी में जबरन जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली ले गए ग्रामीण आरोप है कि विधायक ने मामले की जांच किए बिना ही वन रेंजर अश्विनी पारीक पर लगातार शिकायतें मिलने का आरोप लगाया। बताया जा रहा है कि विधायक की मौजूदगी के बाद अवैध बजरी कारोबार से जुड़े लोगों के हौसले बढ़ गए। देलवाड़ा गांव के कुछ लोगों ने वन विभाग कार्यालय से जब्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को जबरन बाहर निकाल लिया और गांव की ओर ले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विधायक रावत ने बिना किसी पूछताछ या जांच प्रक्रिया के जब्त ट्रैक्टर को ले जाने से नहीं रोका। उन पर अधिकारी की छवि धूमिल करने का भी प्रयास करने का आरोप है। हालांकि, इस दौरान रेंजर पारीक ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी। नियमानुसार किया गया था जब्त वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त की गई ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रूप से बजरी परिवहन में शामिल थी और इसे नियमानुसार ही जब्त किया गया था। वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग की यह कार्रवाई एकतरफा और अनुचित है। रेंजर को ट्रैक्टर से कुचलने की धमकी इस बीच ग्रामीण वन विभाग के कार्यालय के बाहर जमा होने लगे और कार्यालय पर धावा बोलते हुए रेंजर अश्विनी पारीक से अबे - तबे करते हुए बदतमीजी करने लगे। रेंजर अश्विनी पारीक ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान देलवाड़ा के सरपंच पति राजेन्द्र चौधरी द्वारा उन्हें बार-बार धमकियां दी गईं। उन्होंने आरोप लगाया कि —“ट्रैक्टर का नंबर तो है ही नहीं, वाहन रेंजर पर चढ़ा दो, बाद में देखी जाएगी। ऐसी घटनाओं का कुछ नहीं होने वाला, जब भी दिखे चढ़ा देना।” घटना के बाद क्षेत्र में तनाव बना हुआ है। पुलिस मामले की निगरानी कर रही है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर पूरे घटनाक्रम की रिपोर्ट तैयार किए जाने की बात कही जा रही है। उधर वन विभाग के रेंजर अश्विनी पारीक ने सिटी थाने में मुकदमा दर्ज कराने की बात कही है। जिन्होंने उनके साथ बदतमीजी की है।
