मरीज को मशीन से मिलेगी पर्ची एलईडी पर डिस्प्ले होंगे नाम
पहले चरण में मेडिसिन और सर्जरी विभाग में शुरू करने की तैयारी पीबीएम हॉस्पिटल में मरीजों को लंबी कतार से राहत दिलाने के लिए नए साल में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और क्यूआर कोड पर आधारित होगा, जो पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और कुशल बनाएगा। पहले चरण में इसे लागू करने पर 1.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी। सरकारी अस्पतालों में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को 20 जनवरी तक लागू करने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। पहले चरण में 16 नंबर ओपीडी में मेडिसिन और सर्जरी विभाग के ओपीडी में इसे लागू किया जाएगा। एक वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी, जिससे मरीजों को क्यूआर कोड स्कैन करने पर ऑनलाइन पर्ची मिलेगी। डॉक्टर कक्ष के बाहर एलईडी लगेगी, जिस पर मरीज का नाम आने पर वह डॉक्टर को दिखा सकेगी। इससे मरीजों को कतार में खड़े नहीं रहना पड़ेगा। जिला अस्पताल और गंगाशहर सेटेलाइट हॉस्पिटल में भी इसे लागू किया जाएगा। पीबीएम में आईटी के डीडी पंकज छींपा ने बताया कि सरकार ने रील कंपनी को यह काम दिया है। सिस्टम शुरू करने के लिए कंपनी से बजट के प्रस्ताव मांगे गए हैं। छींपा ने बताया कि बाद में इस सिस्टम को इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा।
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पीबीएम हॉस्पिटल में मरीजों को लंबी कतार से राहत दिलाने के लिए नए साल में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम लागू किया जाएगा। यह सिस्टम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और क्यूआर कोड पर आधारित होगा, जो पूरी प्रक्रिया को डिजिटल और कुशल बनाएगा। पहले चरण में इसे लागू करने पर 1.70 करोड़ रुपए की लागत आएगी।
सरकारी अस्पतालों में क्यू मैनेजमेंट सिस्टम को 20 जनवरी तक लागू करने के निर्देश सरकार ने दिए हैं। पहले चरण में 16 नंबर ओपीडी में मेडिसिन और सर्जरी विभाग के ओपीडी में इसे लागू किया जाएगा। एक वेंडिंग मशीन लगाई जाएगी, जिससे मरीजों को क्यूआर कोड स्कैन करने पर ऑनलाइन पर्ची मिलेगी। डॉक्टर कक्ष के बाहर एलईडी लगेगी, जिस पर मरीज का नाम आने पर वह डॉक्टर को दिखा सकेगी। इससे मरीजों को कतार में खड़े नहीं रहना पड़ेगा।
जिला अस्पताल और गंगाशहर सेटेलाइट हॉस्पिटल में भी इसे लागू किया जाएगा। पीबीएम में आईटी के डीडी पंकज छींपा ने बताया कि सरकार ने रील कंपनी को यह काम दिया है। सिस्टम शुरू करने के लिए कंपनी से बजट के प्रस्ताव मांगे गए हैं। छींपा ने बताया कि बाद में इस सिस्टम को इंटीग्रेटेड हेल्थ मैनेजमेंट सिस्टम से जोड़ा जाएगा।