रोडवेज कंडक्टर पर ज्यादा किराया वसूलने का आरोप:गलत टिकट काटने पर रोका तो किया दुर्व्यवहार; यात्रियों ने जताई नाराजगी
सवाई माधोपुर के खंडार बस स्टैंड पर शनिवार दोपहर राजस्थान रोडवेज बस के कंडक्टर पर दुर्व्यवहार और गलत टिकट काटने के आरोप लगे। यात्रियों ने ज्यादा किराया वसूलने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया, जिससे कुछ देर के लिए अव्यवस्था की स्थिति बन गई। श्योपुर में रुकी बस, यात्री पीछे छूटे सवाई माधोपुर निवासी चित्रा शर्मा ने बताया कि राजस्थान रोडवेज की बस बारां से जयपुर जा रही थी। बस श्योपुर में कुछ समय के लिए रुकी, जहां कई यात्री टॉयलेट जाने के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान कंडक्टर ने अचानक बस चलाने की सीटी बजा दी, जिससे कई यात्री वहीं छूट गए। दौड़कर बस में चढ़े, फिर हुआ विवाद चित्रा शर्मा ने बताया कि वह और उनकी बेटी दौड़कर बस में चढ़ने में सफल रहीं, लेकिन इसके बाद कंडक्टर ने उनके साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका वास्तविक किराया 75 रूपए था, जबकि कंडक्टर ने 230 रुपए का टिकट काट दिया। अन्य यात्रियों ने भी लगाए आरोप यात्रियों का कहना है कि सिर्फ एक ही नहीं, बल्कि कई लोगों के साथ गलत टिकट काटे गए और किराए से ज्यादा राशि वसूली गई। इस दौरान कंडक्टर के व्यवहार को लेकर भी यात्रियों ने आपत्ति जताई। कंडक्टर ने दी सफाई इस मामले में बस कंडक्टर दिलशाद ने कहा कि बस का निर्धारित समय पूरा हो चुका था। निजी बस संचालकों द्वारा अधिक देर तक बस रोकने का विरोध किया जाता है, इसी कारण बस को आगे बढ़ाना पड़ा। बस स्टैंड पर कुछ देर जाम घटना के बाद बस के सड़क पर खड़े रहने से खंडार बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ समय के लिए जाम की स्थिति बन गई। बाद में मामला शांत हुआ और यातायात सामान्य हुआ।
सवाई माधोपुर:शहर के पुराने क्षेत्र स्थित खंडार बस स्टैंड पर शनिवार दोपहर उस समय हंगामा हो गया, जब राजस्थान रोडवेज की बस के कंडक्टर पर यात्रियों से दुर्व्यवहार और गलत टिकट काटने के आरोप लगे। टिकट से ज्यादा रुपए लेने के आरोप लगाए सवाई माधोपुर निवासी चित्रा शर्मा ने बताया कि राजस्थान रोडवेज की एक बस बारां से जयपुर जा रही थी, जिसमें बारां से कई यात्री सवार थे। बस श्योपुर में कुछ देर के लिए रुकी, जहां कई यात्री टॉयलेट के लिए नीचे उतरे। इसी दौरान बस कंडक्टर ने अचानक बस चलाने की सीटी बजा दी, जिससे कई यात्री वहीं छूट गए।चित्रा शर्मा ने बताया कि वह और उनकी बेटी दौड़कर बस में चढ़ने में सफल रहीं, लेकिन कंडक्टर द्वारा उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनका वास्तविक किराया 75 रुपये था, जबकि कंडक्टर ने 230 रुपये का टिकट काट दिया। इसी तरह अन्य यात्रियों के साथ भी गलत टिकट काटने और अभद्र व्यवहार के आरोप लगाए गए। वहीं, इस मामले में बस कंडक्टर दिलशाद का कहना है कि बस का निर्धारित समय हो चुका था और निजी बस संचालकों द्वारा अधिक देर तक बस रोकने का विरोध किया जाता है, इसी कारण बस को आगे बढ़ाना पड़ा। घटना के बाद सड़क रोडवेज खड़े रहने से बस स्टैंड पर कुछ देर के लिए जाम के हालात भी बन गए।