लव कुश वाटिका: बीड़ में बच्चों के लिए ओपन जिम व झूले
शहर से लगते बीड़ इलाके की ऐतिहासिक जगह खेतानाथ बावड़ी में कभी पूरे शहर का गंदा पानी जमा होता था। इस जगह का कायाकल्प कर करीब 30 हैक्टेयर एरिया में लव कुश वाटिका विकसित की जा रही है। अब यहां हरियाली दिखाई देती है। बजट घोषणा के बाद स्वीकृति मिलने पर मई 2023 में इसका निर्माण कार्य शुरू किया गया था। अब तक करीब 1.91 करोड़ रुपए की लागत से 70 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। अब ओपन जिम व झूले बच्चों के लिए खोल दिए गए हैं। जहां स्कूल के बच्चे शैक्षिक भ्रमण पर आते है। इसके अलावा यहां विश्व ओजोन दिवस, पृथ्वी दिवस व पर्यावरण दिवस पर भी पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्य किए जा रहे है। इसके एंट्री गेट पर माता सीता के साथ लव कुश की प्रतिमाएं लगाई गई हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि अढाई साल पहले इस जगह पर शहर का गंदा पानी जमा होता था। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के बाद खेतानाथ बावड़ी लव कुश वाटिका निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए स्वीकृत हुए। इसके बाद मई 2023 में सबसे पहले मिट्टी के बंड बनाकर गंदे पानी को सुखाया गया और घूमने के लिए ट्रैक का निर्माण किया गया। इसके बाद पौधरोपण, पानी पूला के झोंपा, व्यू पोइंट, साइन बोर्ड, पक्षियों के लिए चुग्गा घर, सेल्फी पॉइंट, सुविधाघर, वन्यजीवों के लिए कच्ची व पक्की तलाई, इंटरलॉक के साथ लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं।
शहर से लगते बीड़ इलाके की ऐतिहासिक जगह खेतानाथ बावड़ी में कभी पूरे शहर का गंदा पानी जमा होता था। इस जगह का कायाकल्प कर करीब 30 हैक्टेयर एरिया में लव कुश वाटिका विकसित की जा रही है। अब यहां हरियाली दिखाई देती है। बजट घोषणा के बाद स्वीकृति मिलने पर मई
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इसके अलावा यहां विश्व ओजोन दिवस, पृथ्वी दिवस व पर्यावरण दिवस पर भी पर्यावरण संरक्षण से संबंधित कार्य किए जा रहे है। इसके एंट्री गेट पर माता सीता के साथ लव कुश की प्रतिमाएं लगाई गई हैं। क्षेत्रीय वन अधिकारी विजय कुमार ने बताया कि अढाई साल पहले इस जगह पर शहर का गंदा पानी जमा होता था। मुख्यमंत्री बजट घोषणा के बाद खेतानाथ बावड़ी लव कुश वाटिका निर्माण के लिए दो करोड़ रुपए स्वीकृत हुए। इसके बाद मई 2023 में सबसे पहले मिट्टी के बंड बनाकर गंदे पानी को सुखाया गया और घूमने के लिए ट्रैक का निर्माण किया गया। इसके बाद पौधरोपण, पानी पूला के झोंपा, व्यू पोइंट, साइन बोर्ड, पक्षियों के लिए चुग्गा घर, सेल्फी पॉइंट, सुविधाघर, वन्यजीवों के लिए कच्ची व पक्की तलाई, इंटरलॉक के साथ लोगों के बैठने के लिए कुर्सियां लगाई गई हैं।