राजसमंद में कड़ाके की सर्दी, कोहरे से राहत:सर्द हवा से गलन बढ़ी, आगामी दिनों में सर्दी बढ़ने के आसार
राजसमंद में कड़ाके की सर्दी का दौर लगातार जारी है। हालांकि आज सुबह बीते दिन की तुलना में कोहरा कम देखने को मिला, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। सुबह के समय विजिबिलिटी बेहतर रहने के कारण वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। शहर की सड़कों पर यातायात सामान्य रूप से चलता नजर आया। गलन से बढ़ी सर्दी सुबह करीब 10 बजे के बाद धूप निकलने से ठंड का असर कुछ हद तक कम हुआ, लेकिन सर्द हवाओं और गलन का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते नजर आए। ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और खुले स्थानों पर हल्का कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड के चलते किसानों को खेतों में काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई किसानों ने खेती के कार्य के दौरान अलाव जलाकर ठंड से बचाव किया। वहीं पशुपालकों ने भी सर्दी से मवेशियों को बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए। पशुओं को ठंड से सुरक्षित रखने के लिए बाड़ों में सूखी घास, तिरपाल और अलाव का उपयोग किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सर्दी का असर बना रह सकता है।
राजसमंद में कड़ाके की सर्दी का दौर लगातार जारी है। हालांकि आज सुबह बीते दिन की तुलना में कोहरा कम देखने को मिला, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। सुबह के समय विजिबिलिटी बेहतर रहने के कारण वाहन चालकों ने राहत की सांस ली। शहर की सड़कों पर यातायात सामान्य रू
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गलन से बढ़ी सर्दी
सुबह करीब 10 बजे के बाद धूप निकलने से ठंड का असर कुछ हद तक कम हुआ, लेकिन सर्द हवाओं और गलन का प्रभाव महसूस किया जा रहा है। लोग ठंड से बचाव के लिए गर्म कपड़ों और अलाव का सहारा लेते नजर आए।
ग्रामीण क्षेत्रों में खेतों और खुले स्थानों पर हल्का कोहरा छाया रहा। कड़ाके की ठंड के चलते किसानों को खेतों में काम करने में परेशानी का सामना करना पड़ा। कई किसानों ने खेती के कार्य के दौरान अलाव जलाकर ठंड से बचाव किया।
वहीं पशुपालकों ने भी सर्दी से मवेशियों को बचाने के लिए विशेष इंतजाम किए। पशुओं को ठंड से सुरक्षित रखने के लिए बाड़ों में सूखी घास, तिरपाल और अलाव का उपयोग किया गया। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में सर्दी का असर बना रह सकता है।