राजनाथ सिंह बोले-नेताओं के प्रति विश्वास का संकट:मेरा राजनीति में आना एक संयोग, विधायक विश्वराज सिंह ने कटारिया पर तंज कसा
केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि भारत की राजनीति और नेताओं के प्रति विश्वास का संकट पैदा हुआ है। इस क्राइसिस और विश्वसनीयता के संकट को चुनौती के रूप में स्वीकार करना होगा। राजनाथ सिंह शुक्रवार उदयपुर में विद्या प्रचारिणी सभा और बीएन संस्थान के 104वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह में बोल रहे थे। राजनाथ सिंह ने दिल्ली धमाके पर कहा कि लाल किले के पास हुए बम धमाके में ऐसे लोगों का नाम सामने आया, जो व्हाइट कॉलर थे। वो डॉक्टर अपनी पर्ची पर आरएक्स लिखते थे, लेकिन उनके पास आरडीएक्स मिला। ज्ञान के साथ संस्कार होना बहुत जरूरी है। रक्षा मंत्री ने कहा- भारत 2030 तक टॉप-3 इकोनॉमी में शामिल हो जाएगा। भारत अब डिफेंस के क्षेत्र में काफी ग्रो कर रहा है। हथियार बनाने के मामले में हम पूरी तरह से आत्मनिर्भर हैं। पहले विदेशों में लोग भारत की बातों को गंभीरता से नहीं लेते थे, लेकिन आज यह हैसियत बनी है कि जब भारत बोलता है तो सब सुनते हैं। वहीं, विधायक विश्वराज सिंह ने पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पर बिना नाम लिए तंज कसा। राजनीति में आना मेरे लिए हर-हर गंगे रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा- मेरे अंदर का शिक्षक आज भी जिंदा है। मेरा राजनीति में आना एक संयोग रहा है। हमारे यहां कहते है कि फिसल पड़े तो हर-हर गंगे। कोई ऐसा व्यक्ति था, जो गंगा जी में स्नान नहीं करना चाहता था, लेकिन किनारे खड़ा था। तब वो फिसलकर कर गिर गया तो उसने भी बोला हर-हर गंगे। यही हालत हमारी हो गई है। राजनीति में आना हमारे लिए कुछ ऐसा ही हुआ है। उदयपुर में सैनिक स्कूल की मांग पर केन्द्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि बीएन संस्थान के दोनों स्कूलों के लिए निरीक्षण रिपोर्ट पॉजिटिव है। मैं अब इस मामले को देखूंगा। मेरी तरफ से जितना होगा, पूरी कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा कि लोग कहेंगे कि कर देना चाहिए, लेकिन मैं अपने राजनीतिक जीवन में कभी आश्वासन नहीं देता हूं, क्योंकि नेताओं के शब्दों और डील में अंतर होने के कारण भारत की राजनीति और नेताओं के प्रति विश्वास का संकट पैदा हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जब से यूनिवर्सिटी के इस कार्यक्रम में आकर मंच पर बैठे हैं, तब से डिफरेंट और पॉजिटिव वाइब्रेशन महसूस कर रहे हैं। मंच पर बहुत अच्छा लग रहा है, जबकि देश की 60 से ज्यादा यूनिवर्सिटीज़ के कार्यक्रमों में जा चुका हूं, ऐसा कहीं भी नहीं लगा। उन्होंने बच्चों से कहा- मनुष्य अपनी कृतियों से विभूषित होता है। स्वाभिमान की भावना अहंकार में नहीं बदल जाए, दोनों के बीच बहुत पतली रेखा है। उन्होंने कहा- नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ ज्ञान बढ़ाने को केंद्र में रखा गया है। इसमें शिक्षकों को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है। 2018 की एक रिपोर्ट के अनुसार 54 प्रतिशत लोग अपने बच्चों को टीचर बनाना चाहते हैं, क्योंकि टीचर्स का सम्मान है। शिक्षक का गुण मत देखो, उनके लिए हमेशा सम्मान का भाव होना चाहिए। जीवन में संस्कार का बहुत महत्व होता है। जो झुकता है, वही उठता है। यही परंपरा है, यही शक्ति है। राजनाथ सिंह ने कहा- आर्म्ड फोर्सेज में सामूहिक भोजन की परंपरा है। उसे देखकर बहुत सुखद अनुभूति होती है। मैं भी प्रोटोकॉल को तोड़कर सहज वातावरण में निकटता से जानने की कोशिश करता हूं। आज का भारत अपने अतीत पर गर्व करता है। प्राचीन काल से इंडिया का हर सिस्टम समृद्ध रहा है। कार्यक्रम में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य और विधायक विश्वराज सिंह मेवाड़ ने इशारों-इशारों में बिना नाम लिए पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि जो भी हमारे महापुरुष हैं, उनके नाम का राजनीति में दुरुपयोग नहीं होना चाहिए, जो लोग उनके बारे में हल्के तरीके से बात कर रहे हैं, उनके खिलाफ सख्ती से कदम उठाने की मंशा और सख्ती दोनों रखी जाए। माना जा रहा है कि पिछले दिनों राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया द्वारा महाराणा प्रताप को लेकर दिए बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए मेवाड़ से सख्ती दिखाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सिटी पैलेस भी पहुंचे, जहां पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराजसिंह ने उनको गुलदस्ता देकर स्वागत किया।