खींया विद्यालय से बोर्ड परीक्षा केंद्र हटाने पर ग्रामीणों का विरोध-प्रदर्शन
भास्कर न्यूज| जैसलमेर ग्राम पंचायत खींया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का बोर्ड परीक्षा केंद्र निरस्त करने के विरोध में ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया। वर्ष 1956 में स्थापित इस विद्यालय में पिछले 13 वर्षों से परीक्षा केंद्र संचालित हो रहा था, लेकिन शिक्षा विभाग ने अब केंद्र को सुल्तानगढ़ और तेजपाला स्थानांतरित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि विभाग का यह निर्णय अव्यावहारिक है। वर्तमान सत्र में कक्षा 10 में 43 और कक्षा 12 में 24 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। केंद्र हटने से खींया, कबीर बस्ती और खींवसर के विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए 15 से 40 किमी दूर जाना पड़ेगा। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को झेलनी पड़ेगी। पूर्व प्रधान नागेश प्रजापत व ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खींया की तुलना में जिन गांवों में छात्र संख्या कम है, वहां केंद्र बना दिए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी प्रशासन और शिक्षा विभाग को अवगत कराया गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परीक्षा केंद्र यथावत नहीं रखा गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन, धरना प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शन के दौरान सरपंच सिरियों देवी, प्रागाराम, खेताराम, संतोकाराम, चौथमल, गणपतराम, पीराराम और पदम गिरी मौजूद रहे।
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ग्राम पंचायत खींया स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय का बोर्ड परीक्षा केंद्र निरस्त करने के विरोध में ग्रामीणों ने विरोध-प्रदर्शन किया।
वर्ष 1956 में स्थापित इस विद्यालय में पिछले 13 वर्षों से परीक्षा केंद्र संचालित हो रहा था, लेकिन शिक्षा विभाग ने अब केंद्र को सुल्तानगढ़ और तेजपाला स्थानांतरित कर दिया गया है। ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में बताया कि विभाग का यह निर्णय अव्यावहारिक है। वर्तमान सत्र में कक्षा 10 में 43 और कक्षा 12 में 24 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। केंद्र हटने से खींया, कबीर बस्ती और खींवसर के विद्यार्थियों को परीक्षा देने के लिए 15 से 40 किमी दूर जाना पड़ेगा। इस दौरान सबसे अधिक परेशानी छात्राओं को झेलनी पड़ेगी।
पूर्व प्रधान नागेश प्रजापत व ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि खींया की तुलना में जिन गांवों में छात्र संख्या कम है, वहां केंद्र बना दिए गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि पूर्व में भी प्रशासन और शिक्षा विभाग को अवगत कराया गया। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। आक्रोशित ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही परीक्षा केंद्र यथावत नहीं रखा गया तो वे चरणबद्ध आंदोलन, धरना प्रदर्शन और जनआंदोलन शुरू करेंगे। प्रदर्शन के दौरान सरपंच सिरियों देवी, प्रागाराम, खेताराम, संतोकाराम, चौथमल, गणपतराम, पीराराम और पदम गिरी मौजूद रहे।