10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए रिवीजन और विषय से संबंधित डाउट्स दूर करने पर फोकस करेंगे
भास्कर न्यूज | झालावाड़ इस बार बोर्ड परीक्षाएं मार्च की जगह एक महीने पहले फरवरी में ही शुरू होंगी। शिक्षा निदेशालय ने कक्षा 5वीं और 8वीं कक्षा और राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 10वीं और 12वीं की वार्षिक परीक्षाओं का टाइम टेबल जारी कर दिया है। यानी कि चारों ही कक्षाओं की बोर्ड परीक्षाएं फरवरी में ही शुरू हो जाएंगी। बड़ी बात यह है कि शीतकालीन अवकाश के बाद पढ़ाई के दिन भी घट गए। ऐसे में संस्था प्रधानों पर सिलेबस पूरा करवाने का भी दबाव बन गया है। हालांकि, सभी स्कूलों में 90 प्रतिशत तक सिलेबस पूरा करवा दिया गया है। क्योंकि, निदेशालय ने वार्षिक परीक्षा का शेष रहा निर्धारित पाठ्यक्रम 31 जनवरी तक पूरा करवाने के निर्देश दिए थे। अब बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए शिक्षा विभाग ने विशेष प्लानिंग करते हुए मिशन सरोकार कार्यक्रम भी चलाया गया है। इसमें कक्षा 10 और 12 के छात्रों के लिए बोर्ड परीक्षा पैटर्न पर आधारित मॉडल प्रश्न-पत्र (प्री-बोर्ड सहित) तैयार किए जाते हैं ताकि विद्यार्थी अभ्यास कर सकें और बेहतर परिणाम प्राप्त कर सकें। पहली बार फरवरी में बोर्ड परीक्षाएं, टॉपर्स की कॉपी और मॉडल पेपर से तैयारी करवाएंगे शिक्षक टॉपर विद्यार्थियों की कॉपी और मॉडल पेपर से तैयारी करने का मतलब है, उनकी लिखने की शैली, प्रजेंटेशन और उत्तरों की संरचना को समझना ताकि संबंधित विद्यार्थी अपने पेपर में बेहतर अंक ला सकें। इसमें हेडिंग, डायग्राम, स्पष्टीकरण और कंटेंट पर ध्यान दिया जाना शामिल है। पुराने प्रश्न पत्रों और मॉक टेस्ट से नियमित अभ्यास करना शामिल है, जिससे अपनी गलतियों से सीख सकेंगे। 1. सभी सीबीईओ व पीईईओ के माध्यम से अगले 20 दिन तक बोर्ड क्लासों की नियमित मॉनिटरिंग, नियमित पढ़ाई, टेस्ट और उपस्थिति आदि बिंदुओं के आधार निर्देश जारी किए जाएंगे। 2. 10 वीं व 12वीं के विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति के लिए संस्था प्रधानों से मॉनिटरिंग करवाएंगे। यदि कोई विद्यार्थी लगातार तीन दिन अनुपस्थित है तो अभिभावक से संपर्क कर उपस्थिति तय कराई जाएगी। 3. संस्था प्रधानों को कार्य योजना बनाकर विद्यार्थियों का नियमित टेस्ट आयोजित कर उत्तर पुस्तिकाओं की जांच कर त्रुटियों को लेकर भी मार्गदर्शन दिया जाएगा। 4. पीईईओ अपने परिक्षेत्र के तीन वर्षों के बोर्ड परीक्षा परिणाम के आधार पर रिजल्ट में गुणात्मक सुधार के लिए कार्य योजना बनाएंगे। 5. कार्य योजना के अनुसार लो परफॉर्मेंस वाले स्कूलों को चिन्हित किया जाएगा। परिणामों में सुधार को प्राथमिकता दी जाएगी। ^10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों के लिए रिवीजन व विषय से संबंधित डाउट्स दूर करने पर फोकस करने के लिए मिशन सरोकार कार्यक्रम चलाया जा रहा है। इसकी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। - पवन पाटीदार, एडीईओ माध्यमिक, झालावाड़