करौली में योग प्रशिक्षकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा:10 की जगह 30 दिन काम, मानदेय वृद्धि और स्थायीकरण की मांग
करौली जिले में कार्यरत योग प्रशिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। राजस्थान योग प्रशिक्षक संघ करौली के बैनर तले, प्रशिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कार्य दिवस बढ़ाने, मानदेय में वृद्धि और सेवाओं के स्थायीकरण की मांग की गई है। यह ज्ञापन चिकित्सा विभाग के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (HWC, PHC एवं AAM) में कार्यरत योग प्रशिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया। प्रशिक्षकों ने वर्तमान में मिल रहे 10 कार्यदिवसों को बढ़ाकर प्रति माह 30 दिन करने, मानदेय में वृद्धि करने और सेवाओं के स्थायीकरण की मांग की है। योग प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य लाइफस्टाइल से जुड़ी गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में योग सत्र केवल 10 दिनों तक सीमित होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को इस योजना का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है। प्रशिक्षकों ने यह भी मांग की कि योग सत्रों की अवधि 10 दिन से बढ़ाकर 30 दिन की जाए और 31 मार्च के बाद भी इन सत्रों को नियमित रूप से जारी रखा जाए। इसके अतिरिक्त, उन्होंने संविदा नियमों के तहत उन्हें कैडर-2 में शामिल करने और आयुर्वेद योग प्रशिक्षकों के समान अधिकार देने की भी मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में योग प्रशिक्षक उपस्थित थे। करौली जिले में वर्तमान में 120 से अधिक योग प्रशिक्षक कार्यरत हैं।
करौली जिले में कार्यरत योग प्रशिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया है। राजस्थान योग प्रशिक्षक संघ करौली के बैनर तले, प्रशिक्षकों ने मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को एक ज्ञापन सौंपा। इसमें कार्य दिवस बढ़ाने, मानदेय में वृद्धि और
.
यह ज्ञापन चिकित्सा विभाग के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिरों (HWC, PHC एवं AAM) में कार्यरत योग प्रशिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए दिया गया। प्रशिक्षकों ने वर्तमान में मिल रहे 10 कार्यदिवसों को बढ़ाकर प्रति माह 30 दिन करने, मानदेय में वृद्धि करने और सेवाओं के स्थायीकरण की मांग की है।
योग प्रशिक्षकों ने बताया कि प्रधानमंत्री की आयुष्मान भारत योजना के तहत शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से योग को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य लाइफस्टाइल से जुड़ी गंभीर बीमारियों की रोकथाम करना है। उन्होंने तर्क दिया कि वर्तमान में योग सत्र केवल 10 दिनों तक सीमित होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों को इस योजना का पूरा फायदा नहीं मिल पा रहा है।