ब्रश करते हुए जब बिना किसी वजह फट गई गले की नस: दुनियाभर में अब तक ऐसे सिर्फ़ 10 मामले
गर्दन की नस फट जाना एक जानलेवा घटना होती है. अगर इसका इलाज़ न किया जाए तो कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है. यह इतना रेयर है कि मेडिकल जर्नल्स के अनुसार दुनिया भर में अब तक इस तरह के केवल 10 केस दर्ज हैं.
ब्रश करते हुए जब बिना किसी वजह फट गई गले की नस: दुनियाभर में अब तक ऐसे सिर्फ़ 10 मामले

इमेज स्रोत, Lakshmi Jangde
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- Author, विष्णुकांत तिवारी
- पदनाम, बीबीसी संवाददाता
- 8 जनवरी 2026
"मैं सुबह ब्रश कर रहा था जब एक हिचकी सी आई. और फिर मुझे लगा जैसे गले के दाहिनी ओर भीतर कोई गुब्बारा तेज़ी से फूल रहा हो. कुछ ही मिनटों में मेरा गला पूरी तरह सूज गया, और मुझे इतना दर्द होने लगा कि आंखों के आगे अंधेरा छा गया."
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के राहुल कुमार जांगड़े को याद है कि एक दिसंबर को अचानक उठे असहनीय दर्द के दौरान उन्होंने अपनी पत्नी को बस इतना ही कहा था, "कुछ ठीक नहीं लग रहा है, अस्पताल चलना चाहिए."
इसके बाद जब उन्हें होश आया, तब वे रायपुर के डॉक्टर भीमराव आंबेडकर अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में थे.
डॉक्टरों ने अनुसार यह किसी चोट या बीमारी के कारण नहीं हुआ था बल्कि एक दुर्लभ घटना थी. इसमें गले में स्थित दिमाग तक रक्त पहुंचाने वाली नस (आर्टरी/ धमनी) अपने आप फट गई थी.
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इसे स्पॉन्टेनियस कैरोटिड आर्टरी रप्चर कहा जाता है और यह छत्तीसगढ़ में हुआ पहला मामला था.
भीमराव आंबेडकर अस्पताल के हार्ट, चेस्ट एवं वैस्कुलर सर्जरी विभाग के डॉक्टर लगभग 6 घंटे की जटिल सर्जरी के बाद राहुल की जान बचा पाए थे.
यह क्या होता है और जानलेवा क्यों है?

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इमेज कैप्शन, यह स्कैन राहुल की स्थिति को स्पष्ट करता है, इसमें उसकी दाहिनी कैरोटिड धमनी, उसका फटना और छद्म-एन्यूरिज़्म (pseudoaneurysm) दिखाया गया है
इसी विभाग के एचओडी डॉक्टर कृष्णकांत साहू ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा, "गर्दन की नस फट जाना एक जानलेवा घटना होती है. अगर इसका इलाज़ न किया जाए तो कुछ ही मिनटों में मौत हो सकती है. लेकिन ऐसा ज़्यादातर गंभीर एक्सीडेंट वाले मामलों या फिर गले के कैंसर जैसी बीमारियों में होता है. यह बहुत रेयर मामला है कि अपने आप ही बिल्कुल साधारण आदमी के गले की नस फट जाए."
उन्होंने आगे बताया, "यह इतना रेयर है कि मेडिकल जर्नल्स के अनुसार दुनिया भर में अब तक इस तरह के केवल 10 केस दर्ज हैं."
40 साल के राहुल छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के पास भनपुरी इलाके में रहते हैं. वह महिलाओं के श्रृंगार से जुड़े सामान की छोटी सी दुकान चलाते हैं. उनके परिवार में उनकी पत्नी और तीन बच्चों समेत कुल पांच लोग हैं.
राहुल ने बीबीसी न्यूज़ हिन्दी से कहा कि उन्हें पहले कभी ऐसी दिक्कत नहीं हुई थी. लेकिन एक दिसंबर की उस सुबह जो हुआ, वह न सिर्फ राहुल के लिए, बल्कि डॉक्टरों के लिए भी असाधारण था.
मेडिकल जांच में सामने आया कि राहुल की दाहिनी कैरोटिड आर्टरी फट चुकी थी.
