कोटा के रामगंजमंडी श्मशान से बुजुर्ग की अस्थियां चोरी:परिजनों को राख भी नहीं मिली,10 दिन में दूसरी घटना; लोगों में गुस्सा
कोटा के रामगंजमंडी के श्मशान घाट से धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली एक और घटना सामने आई है। यहां श्मशान से अस्थियों की चोरी हो गई। परिजन आज तीये की रस्म के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां सहित राख भी गायब मिली। पिछले 10 दिनों में दूसरी बड़ी वारदात है, जिससे इलाके में नाराजगी है। जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुरी बाजार निवासी मुन्नी बाई सोनी (उम्र 85 वर्ष) का 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया था। वे पिछले करीब पांच साल से पैरालाइज बीमारी से पीड़ित थीं। बुधवार को परिजन अंतिम संस्कार के बाद तीये के दिन (अस्थि विसर्जन की रस्म) श्मशान पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें अस्थियां नहीं मिलीं। ओमप्रकाश ने बताया की सभी धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां का अंतिम संस्कार किया था। आज तीये की रस्म के लिए श्मशान पहुंचे तो यहां कुछ नहीं मिला। अस्थियां व पूरी राख गायब थी। हमें कुछ भी नहीं मिला। अब हरिद्वार कैसे जाएं क्या लेकर जाएं। अस्थियों के गायब होने से परिवार गहरे सदमे में है। समाज में भारी आक्रोश है। परिजनों ने रामगंजमंडी थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना पर थाना अधिकारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाना अधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जल्द खुलासा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बता दें इससे करीब 10 दिन पहले भी श्मशान से पंजाबी समाज के रामप्रकाश मदान की अस्थियां चोरी होने की घटना सामने आई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने श्मशान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से श्मशान घाट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कोटा के रामगंजमंडी के श्मशान घाट से धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली एक और घटना सामने आई है। यहां श्मशान से अस्थियों की चोरी हो गई। परिजन आज तीये की रस्म के लिए मुक्तिधाम पहुंचे तो अस्थियां सहित राख भी गायब मिली। पिछले 10 दिनों में दूसरी बड़ी वारदात है, जिससे क्षेत्र में रोष व्याप्त है। जानकारी के अनुसार ब्रह्मपुरी बाजार निवासी मुन्नी बाई सोनी (उम्र 85 वर्ष) का 30 दिसंबर को लंबी बीमारी के चलते निधन हो गया था। वे पिछले करीब पांच साल से पैरालाइज बीमारी से पीड़ित थीं। बुधवार को परिजन अंतिम संस्कार के बाद तीये के दिन (अस्थि विसर्जन की रस्म) श्मशान पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें अस्थियां नहीं मिलीं। ओमप्रकाश ने बताया की सभी धार्मिक रीति-रिवाजों के अनुसार मां का अंतिम संस्कार किया था। आज दिए की रस्म के लिए शमशान पहुंचे तो यहां कुछ नहीं मिला। अस्थियां व पूरी राख गायब थी। हमें कुछ भी नहीं मिला। अब हरिद्वार कैसे जाए क्या लेकर जाए। अस्थियों के गायब होने से परिवार गहरे सदमे में है। समाज में भारी आक्रोश फैल गया। परिजनों ने रामगंजमंडी थाना पुलिस को मामले की सूचना दी। सूचना पर थाना अधिकारी जाप्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। थाना अधिकारी ने मामले को गंभीर बताते हुए जल्द खुलासा करने के सख्त निर्देश दिए हैं। बता दें इससे करीब 10 दिन पहले भी श्मशान से पंजाबी समाज के रामप्रकाश मदान की अस्थियां चोरी होने की घटना सामने आई थी। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं ने श्मशान की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से श्मशान घाट में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, सीसीटीवी कैमरे लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।