शादी अटेंड करने को लॉकर से निकाल घर रखे थे 11 तोला सोने के गहने,1.95 लाख नकदी और 5 किलो चिल्लर हो गए चोरी
रात 3:12 बजे घर में कूदे, 4:23 बजे वापस बाहर निकल गए चोर : दोनों चोर पूजा कॉलोनी की ओर से बाइक पर आए थे। इन्होंने इस मकान से करीब 100 फीट दूर लिंक गली में अपनी बाइक को खड़ा किया। इसके बाद पैदल घर तक आए और गेट के पास से दीवार कूदकर अलसुबह 3:12 बजे अंदर घुसे। मुख्य गेट का ताला तोड़ा। फिर अंदर दो कमरों के लगे ताले तोड़े। एक कमरे में अलमारी को तोड़कर गहने निकाले। दूसरे कमरे की अलमारी में चाबियां लगी हुई थीं, उसमें रखी नकदी निकालकर सुबह 4:23 बजे वापस चले गए। गहने 2 जनवरी को वापस लॉकर में रखने थे : पीड़ित सेना के अधिकारी सतपाल बिश्नोई ने बताया कि वे घर में गहने कभी नहीं रखते। बैंक के लॉकर में ही रखते थे। लेकिन 15 दिसंबर को परिवार में शादी समारोह था। इसलिए लॉकर से गहने लेकर आए थे। अब जनवरी की दो तारीख को फिर रिश्तेदारी में शादी थी। इसलिए यह शादी अटेंड करने के बाद गहनों को वापस बैंक के लॉकर में ही रखना था। लेकिन इससे पहले ही यह वारदात हो गई। संदेह है कि पहले रैकी की गई है। पुलिस आसपास के कैमरे भी देख रही है। भास्कर संवाददाता| श्रीगंगानगर बाबा दीपसिंह कॉलोनी की गली नंबर 2 में चोरी की बड़ी वारदात हो गई है। कॉलोनी के बंद मकान के ताले तोड़कर 11 तोला सोना, 195000 नकदी, चिल्ड्रन बैंक से 5 किलोग्राम सिक्के तथा गोशाला के दान पात्र से रुपए चोरी किए गए हैं। वारदात का पता 30 दिसंबर की दोपहर करीब 3 बजे चला जब मकान मालिक मकान संभालने पहुंचा। ताले टूटे देखकर सदर थाने में सूचना दी गई। सदर थाने से ड्यूटी अधिकारी एएसआई गुलाब सिंह टीम सहित मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरे से फुटेज भी जुटाए। इसमें दो संदिग्ध युवक घर में घुसकर चोरी करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित सेना के अधिकारी सतपाल बिश्नोई ने मुकदमा दर्ज करने को परिवाद दिया गया है। पीड़ित ने बताया कि 25 दिसंबर को उनकी माता का निधन हो गया था। इस कारण पूरा परिवार पैतृक गांव साधुवाली स्थित घर चला गया था। पीछे से मकान में कोई नहीं था। इसी बात का फायदा उठाकर अज्ञात व्यक्तियों ने ताले तोड़कर चोरी कर ली। पीड़ित सतपाल बिश्नोई ने बताया कि वे इस मकान में करीब 25 वर्षों से रह रहे हैं। इसी मकान में उनके साथ ममेरा भाई और एक अन्य रिश्तेदार भी रहता है। ममेरा भाई सरकारी अध्यापक है और रिश्तेदार एमबीबीएस कर रहा है। लेकिन सर्दियों की छुट्टियों के कारण वे दोनों भी अपने-अपने घर गए हुए हैं। इसलिए जीवन में पहली बार मकान के ताले लगाकर गए थे। हॉकर को बोलकर 10 दिन के लिए अखबार बंद करवा दिया था ताकि सड़क चलते किसी को यह पता नहीं चले कि मकान में कोई रह नहीं रहा। बाहर रोड से चलते अंदर लगे मुख्य गेट का ताला भी दिखाई नहीं देता। क्योंकि बाहरी चारदीवारी काफी ऊंची है और गेट भी मजबूत है। इसके बावजूद चोरों को पता चल गया कि मकान में कोई नहीं है।