मिड-डे-मील घोटाला:दो डीईओ और सीबीईओ सहित 11 दोषी, 3.19 करोड़ की ब्याज सहित वसूली के आदेश, पेंशन रुकेगी
डीग जिले के पहाड़ी ब्लॉक में मिड-डे-मील योजना में हुए 3 करोड़ 19 लाख 41 हजार 659 रुपए के घोटाले पर आखिरकार कार्रवाई शुरू हो गई है। दैनिक भास्कर द्वारा इस मामले को लगातार प्रमुखता से उजागर किए जाने के बाद अब जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों-कर्मचारियों पर विभागीय कार्रवाई और आर्थिक वसूली की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। जांच कमेटी ने इस मामले में दो डीईओ, दो सीबीईओ सहित कुल 11 अधिकारी-कर्मचारियों को दोषी ठहराया है। रिपोर्ट के अनुसार योजनाओं के संचालन में गंभीर वित्तीय अनियमितताएं, नियमों की अनदेखी और कमजोर निगरानी के चलते यह बड़ा घोटाला सामने आया। दोषियों में डीईओ डीग, तत्कालीन डीईओ भरतपुर, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी, लेखाधिकारी, एमडीएम प्रभारी, सीबीईओ पहाड़ी और एक कनिष्ठ सहायक शामिल हैं। भास्कर ने पहले दिन से इस घोटाले को सिलसिलेवार तरीके से प्रकाशित किया था। खबरों में न सिर्फ अनियमितताओं को उजागर किया गया, बल्कि जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। इसके बाद मामला शासन स्तर तक पहुंचा और जांच पूरी होने के एक साल बाद अब कार्रवाई का रास्ता साफ हुआ है। आयुक्तालय मिड-डे-मील योजना ने मामले को गंभीर मानते हुए संभागीय आयुक्त, भरतपुर को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला स्तर पर विशेष वसूली दल गठित किया जाएगा। जांच में दोषी पाए गए किसी भी अधिकारी या कर्मचारी को वसूली दल में शामिल नहीं किया जाएगा। अपात्र मदरसों और पोषाहार वितरकों पर भी शिकंजा कसेगा नियमों के विरुद्ध लाभ लेने वाले अपात्र मदरसों पर कार्रवाई के लिए राजस्थान मदरसा बोर्ड, जयपुर को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए हैं। पोषाहार वितरकों और संबंधित मदरसों से भी वसूली कर विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पहाड़ी में दर्ज एफआईआर संख्या 18/2025 में अब जांच रिपोर्ट के आधार पर और धाराएं जोड़ी जाएंगी। दोषियों और उनके परिवारजनों के बैंक खातों का विवरण भी एफआईआर में शामिल होगा। जिला पुलिस अधीक्षक को शीघ्र और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिला स्तर पर गठित समिति पूरे मामले की निगरानी करेगी। दोषियों के बैंक खाते फ्रीज होंगे डीग के पीडी खाते में होगी जमा जिन बैंक खातों में सरकारी धन का अवैध ट्रांसफर पाया गया है, उन्हें तत्काल फ्रीज कराया जाएगा। सभी खातों की बैंकिंग और ऑडिट ट्रेल प्राप्त कर अभिलेखबद्ध की जाएगी। अपात्र और व्यक्तिगत खातों में ट्रांसफर की गई राशि की शत-प्रतिशत वसूली ब्याज सहित की जाएगी। वसूली गई राशि डीईओ (प्रारम्भिक) डीग के पीडी खाते में जमा होगी। योजनावार विवरण आयुक्तालय को भेजा जाएगा। कार्रवाई जीएफ एंड एआर नियम 170, नियम 14(3) और राजस्थान लोक मांग वसूली अधिनियम, 1952 के तहत होगी। अधिकारियों पर तय हुई विभागीय कार्रवाई, ग्रेच्युटी से वसूली होगी डीग डीईओ मनोज खुराना, रामेश्वर दयाल बंसल (तत्कालीन डीईओ भरतपुर), सुनील कुमार अग्रवाल व गोपाल सिंह कुन्तल अतिरिक्त डीईओ, हरमुख सिंह एएओ प्रथम, सुनील कुमार गोयल सेवानिवृत्त एमडीएम प्रभारी, दिवाकर शर्मा एमडीएम प्रभारी और भुवनेश बंसोरिया कनिष्ठ सहायक के विरुद्ध राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 16 के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई के प्रस्ताव भेजे जाएंगे। ब्लॉक पहाड़ी में नीलकमल गुर्जर (सेवानिवृत्त सीबीईईओ), गीता शेखावत (कार्यवाहक सीबीईईओ) और विमल कुमार शर्मा (कनिष्ठ सहायक) पर भी कार्रवाई होगी। वहीं, सेवानिवृत्ति कार्मिकों के पेंशन और ग्रेच्युटी से वसूली के निर्देश दिए गए हैं।