पतंग लूटते समय छत से गिरा 12 वर्षीय मासूम घायल:कोटा के MBS अस्पताल में डॉक्टर नदारद मिले, 15-20 मिनट इधर-उधर भटकते रहे परिजन
कोटा शहर के स्टेशन क्षेत्र में पतंग लूटते समय रविवार सुबह 12 वर्षीय बच्चा छत से गिरकर गंभीर घायल हो गया। घायल कान्हा सिंह के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई है। हादसे के तुरंत बाद परिजन उसे एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज को लेकर परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के आरोप लगाए। बच्चे के दादा वीरेंद्र सिंह हाड़ा ने बताया कि घटना डडवाड़ा गली नंबर-2 में सुबह करीब साढ़े आठ बजे के लगभग कान्हा अपने घर की छत पर बैठा हुआ था। इसी दौरान कटी हुई पतंग को पकड़ने के प्रयास में वह संतुलन खो बैठा और छत से नीचे गिर गया। गिरते ही उसके सिर और मुंह पर गंभीर चोट लगी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। घबराए परिजन तुरंत उसे एमबीएस अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। एमबीएस अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग में नहीं मिला डॉक्टर हाड़ा ने बताया कि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग स्थित इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने पर वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। वहां मौजूद गार्ड ने डॉक्टर को कॉल भी किया, लेकिन वह मोबाइल से ही मरीज के हाल पूछ रहा था, करीब 15 से 20 मिनट तक इंतजार करने के बावजूद भी उपचार शुरू नहीं हुआ। अस्पताल की नई बिल्डिंग में ले जाने के बाद शुरू हुआ इलाज उन्होंने आगे बताया कि इसके बाद बच्चे को अस्पताल की नई बिल्डिंग में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे पुरानी बिल्डिंग के सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किया। काफी देर तक बच्चे को पुरानी से नई और नई से पुरानी बिल्डिंग लेकर घूमते रहे। फिलहाल बालक का इलाज जारी है। लापरवाही के आरोप सही हुए तो स्टाफ पर होगी कार्रवाई एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग की इमरजेंसी में डॉक्टर तैनात रहते हैं। वहीं नई बिल्डिंग में रविवार को सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी संचालित होती है। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं और किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
कोटा शहर के स्टेशन क्षेत्र अंतर्गत डडवाड़ा गली नंबर-2 में आज सुबह 12 वर्षीय बालक छत से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल बालक की पहचान कान्हा सिंह के रूप में हुई है, जिसे सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। हादसे के तुरंत बाद परिजन उसे इलाज के लिए कोटा के एमबीएस अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज को लेकर परिजनों ने लापरवाही के आरोप लगाए हैं। परिजनों के अनुसार घटना सुबह करीब साढ़े आठ बजे के लगभग कान्हा अपने घर की छत पर बैठा हुआ था। इसी दौरान आसमान में उड़ रही एक कटी हुई पतंग को पकड़ने के प्रयास में वह संतुलन खो बैठा और छत से नीचे गिर गया। गिरते ही उसके सिर और मुंह पर गंभीर चोट लगी, जिससे वह लहूलुहान हो गया। घबराए परिजन तुरंत उसे एमबीएस अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे। बच्चे के दादा वीरेंद्र सिंह हाडा ने बताया कि अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग स्थित इमरजेंसी वार्ड में पहुंचने पर वहां कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। वहां मौजूद गार्ड ने डॉक्टर को फोन भी किया वह मोबाइल से ही पूछ रहा था, करीब 15 से 20 मिनट तक इंतजार करने के बावजूद भी उपचार शुरू नहीं हुआ। इसके बाद बच्चे को अस्पताल की नई बिल्डिंग में लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे पुरानी बिल्डिंग के सर्जिकल वार्ड में शिफ्ट किया। काफी देर तक बच्चों को पुरानी बिल्डिंग से नई बिल्डिंग नई बिल्डिंग से पुरानी बिल्डिंग लेकर घूमते रहे। फिलहाल बालक का इलाज जारी है। एमबीएस अस्पताल के अधीक्षक धर्मराज मीणा ने बताया कि पुरानी बिल्डिंग की इमरजेंसी में डॉक्टर तैनात रहते हैं। वहीं नई बिल्डिंग में रविवार को सुबह 9 से 11 बजे तक ओपीडी संचालित होती है। उन्होंने कहा कि यदि परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं और किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।