13 साल बाद विकास, लेकिन गुणवत्ता गायब:घटिया निर्माण, झुके पिलर और जलभराव का खतरा, मुहाना मंडी का 2A गेट बना खतरे की घंटी
मुहाना मंडी का 2ए गेट एक बार फिर विवादों में आ गया है। इस बार मामला किसी प्रशासनिक निर्णय का नहीं, बल्कि घटिया निर्माण सामग्री और तकनीकी लापरवाही का है। हालात इतने गंभीर हैं कि मंडी समिति के सचिव ने इस संबंध में सीधे राजस्थान राज्य कृषि विपणन बोर्ड को शिकायत भेजी है। यह स्थिति न केवल निर्माण एजेंसी, बल्कि जिम्मेदार अभियंताओं की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है। मंडी समिति ने संबंधित अभियंताओं और निर्माण कंपनी को नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। बता दें कि मुहाना मंडी में करीब 13 साल बाद विकास कार्य हो रहा है, लेकिन घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल के चलते ये सवालों के घेरे में आ गया है। सड़क, गेट और डोम निर्माण पर लगभग 17 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि काम की गुणवत्ता गायब है। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 2ए गेट के बाद आलू मंडी के पीछे बन रही सीसी रोड और डामर सड़क निर्माण में भी घटिया सामग्री का उपयोग किया गया। आरोप है कि सीसी रोड में मानकों के बजाय केवल सीमेंट और बालू-रेत मिलाकर काम किया गया, जबकि डामर सड़क बनते ही उखड़ने लगी है। ऐसे में सवाल उठता है कि इतने बड़े बजट के बावजूद तकनीकी निगरानी और गुणवत्ता नियंत्रण पर ध्यान क्यों नहीं दिया गया। यह स्थिति साफ संकेत देती है कि मामला सिर्फ एक गेट या एक सड़क का नहीं, बल्कि पूरे प्रोजेक्ट में लापरवाही को दर्शाता है। 2ए गेट के निर्माण को लेकर अधिशाषी अभियंता को और कृषि विपणन बोर्ड को पत्र लिख कर जानकारी दी थी। गेट का निर्माण घटिया सामग्री से किया जा रहा है। अगर समय पर एक्शन नहीं लिया, तो भविष्य में बड़ा हादसा हो सकता है। - मोहन लाल सचिव, मुहाना मंडी मंडी यार्ड में हो रहे निर्माण कार्य को लेकर समिति को ज्ञापन दिया है। समय रहते ध्यान नहीं दिया तो व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। क्योंकि, यहां पर 40 टन से ज्यादा वजनी ट्रक रोज सड़कों पर चलते हैं। अगर निर्माण घटिया हुआ, तो जल्द सड़कें टूट जाएंगी। - पीएल प्रजापत, अध्यक्ष फल-सब्जी संयुक्त व्यापार सोध पिलर निर्माण नियमानुसार ही है: टांक शिकायत पत्र की जानकारी नहीं है. लेकिन पिलर निर्माण तो नियमानुसार ही किया जा रहा है। मंडी यार्ड में एईएन की ड्यूटी काम की निगरानी के लिए लगा रखी है। अगर कोई कमी है, तो उसे दूर किया जाएगा। सीसी रोड का छोटा सा निर्माण कार्य है। जिसमें लोहा लगाने की जरूरत नहीं होगी। - मुकेश टांक, अधिशाषी अभियांत कृषि विपणन बोर्ड