खंडेलवाल शिक्षा समिति के चुनाव में नारायण बाजरगान बने अध्यक्ष:13 सदस्यों का परिणाम आना बाकी, कहा- शिक्षा पर रहेगा फोकस
अलवर में खंडेलवाल शिक्षा समिति के चुनाव में अध्यक्ष पद पर नारायण बाजरगान ने जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में नारायण बाजरगान ने रिषिकांत को 143 वोटों के अंतर से पराजित किया। अध्यक्ष पद के लिए कुल दो उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले समिति के अध्यक्ष योगेश बड़ाया थे, जिन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ा। चुनाव प्रक्रिया खंडेलवाल स्कूल परिसर में सुबह से शुरू हुई थी। शाम 5 बजे के बाद अध्यक्ष पद की मतगणना हुई। इसमें नारायण बाजरगान की जीत की पुष्टि हुई। अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित होने के बाद अब समिति के 13 सदस्यों के चुनाव की मतगणना जारी है, जिनके परिणाम आना अभी बाकी हैं। अध्यक्ष बोले- शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा फोकस अध्यक्ष पद पर विजयी रहे नारायण बाजरगान ने पदभार संभालने के बाद शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा- समिति का अध्यक्ष बनने के बाद अब उनका पूरा फोकस शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। पिछले कार्यकाल में जो भी कमियां रह गई थीं, उन्हें चिह्नित कर उन पर गंभीरता से काम किया जाएगा, ताकि खंडेलवाल शिक्षा समिति को और अधिक प्रगतिशील बनाया जा सके। नारायण बाजरगान ने कहा- विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि समिति के सभी निर्णय पारदर्शिता और सामूहिक सहमति से लिए जाएंगे। नारायण बाजरगान अलवर की अनाज मंडी में चावल के प्रमुख व्यापारी हैं और वर्तमान में वहां उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं।
अलवर में खंडेलवाल शिक्षा समिति के चुनाव में अध्यक्ष पद पर नारायण बाजरगान ने जीत दर्ज की है। अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में नारायण बाजरगान ने रिषिकांत को 143 वोटों के अंतर से पराजित किया। अध्यक्ष पद के लिए कुल दो उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले समिति के अध्यक्ष योगेश बडाया थे, जिन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ा। चुनाव प्रक्रिया खंडेलवाल स्कूल परिसर में सुबह से शुरू हुई थी। शाम 5 बजे के बाद अध्यक्ष पद की मतगणना हुई, जिसमें नारायण बाजरगान की जीत की पुष्टि हुई।अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित होने के बाद अब समिति के 13 सदस्यों के चुनाव की मतगणना जारी है, जिनके परिणाम आना अभी बाकी हैं। अध्यक्ष पद पर विजयी रहे नारायण बाजरगान ने पदभार संभालने के बाद शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही है। उन्होंने कहा कि समिति का अध्यक्ष बनने के बाद अब उनका पूरा फोकस शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। पिछले कार्यकाल में जो भी कमियां रह गई थीं, उन्हें चिन्हित कर उन पर गंभीरता से काम किया जाएगा, ताकि खंडेलवाल शिक्षा समिति को और अधिक प्रगतिशील बनाया जा सके। नारायण बाजरगान ने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि समिति के सभी निर्णय पारदर्शिता और सामूहिक सहमति से लिए जाएंगे। नारायण बाजरगान अलवर की अनाज मंडी में चावल के प्रमुख व्यापारी हैं और वर्तमान में वहां उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं।