चूरू में जमीं बर्फ, 1.3 डिग्री पहुंचा तापमान:हवाओं में गलन के कारण कड़ाके की सर्दी जारी
चूरू में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। सोमवार को जिले के ग्रामीण इलाकों में फसलों के पत्तों और गाड़ियों की छतों पर बर्फ जम गई। शहर में भी कई स्थानों पर ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। वहीं जिले में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार सुबह शहर के अगुना मोहल्ला स्थित संचिया माता मंदिर के सामने खड़ी एक गाड़ी की छत पर बर्फ की परत जमी मिली। वहीं, घांघु गंगू गांव में खेतों में फसलों के पत्तों और पानी की बाल्टियों में भी पानी बर्फ बन गया। पारे में गिरावट के साथ बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरन का एहसास कराया। हालांकि सोमवार सुबह घना कोहरा नहीं था, लेकिन हवाओं में गलन के कारण सर्दी का प्रकोप बना रहा। मौसम विज्ञान के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अभी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहेगा। उन्होंने कई क्षेत्रों में शीतलहर और अति शीतलहर की प्रबल संभावना जताई है। कड़ाके की सर्दी के चलते लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। सुबह अखबार बांटने वाले हॉकर और दूध बेचने वाले दूध विक्रेता सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, पारे में गिरावट और बर्फ जमने के बावजूद छोटे स्कूली बच्चों की छुट्टियां घोषित नहीं की गई हैं। कृषि विभाग के अनुसार, सुबह के समय पड़ने वाला कोहरा चने की फसल के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।
चूरू में कड़ाके की सर्दी का दौर जारी है। सोमवार को जिले के ग्रामीण इलाकों में फसलों के पत्तों और गाड़ियों की छतों पर बर्फ जम गई। शहर में भी कई स्थानों पर ऐसी ही स्थिति देखने को मिली। वहीं जिले में न्यूनतम तापमान 1.3 डिग्री दर्ज किया गया। सोमवार सुबह शहर के अगुना मोहल्ला स्थित संचिया माता मंदिर के सामने खड़ी एक गाड़ी की छत पर बर्फ की परत जमी मिली। वहीं, घांघु गंगू गांव में खेतों में फसलों के पत्तों और पानी की बाल्टियों में भी पानी बर्फ बन गया।
पारे में गिरावट के साथ बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरन का एहसास कराया। हालांकि सोमवार सुबह घना कोहरा नहीं था, लेकिन हवाओं में गलन के कारण सर्दी का प्रकोप बना रहा। मौसम विज्ञान के निदेशक राधेश्याम शर्मा ने बताया कि प्रदेश में अभी कड़ाके की ठंड का दौर जारी रहेगा। उन्होंने कई क्षेत्रों में शीतलहर और अति शीतलहर की प्रबल संभावना जताई है। कड़ाके की सर्दी के चलते लोगों की दैनिक दिनचर्या प्रभावित हो रही है। लोग ठंड से राहत पाने के लिए अलाव का सहारा ले रहे हैं। सुबह अखबार बांटने वाले हॉकर और दूध बेचने वाले दूध विक्रेता सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि, पारे में गिरावट और बर्फ जमने के बावजूद छोटे स्कूली बच्चों की छुट्टियां घोषित नहीं की गई हैं। कृषि विभाग के अनुसार, सुबह के समय पड़ने वाला कोहरा चने की फसल के लिए काफी लाभदायक माना जाता है।