नाबालिग के किडनैप का आरोपी गिरफ्तार:15 महीने से था फरार, गुरुग्राम में दबोचा
डीग पुलिस ने 15 माह से फरार नाबालिग बच्ची के किडनैप के आरोपी अजय सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपहृत बच्ची को हरियाणा के गुरुग्राम से सुरक्षित बरामद किया। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक डीग द्वारा 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। यह घटना 20-21 अक्टूबर 2024 की रात की है, जब आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर नाबालिग बच्ची का अपहरण कर लिया था। नाबालिग के परिजनों ने बताया कि आरोपी पहले भी फोन पर उसे परेशान करता था। अपहरण के बाद घर से 20 हजार रुपए भी गायब मिले थे। इस संबंध में थाना मन में मामला दर्ज किया गया था। मामले को लेकर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार में लगातार दबिश दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और होटल, धर्मशालाओं, झुग्गी-झोपड़ी, फैक्ट्री क्षेत्रों तथा मजदूर बस्तियों में तलाश की गई। तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना के आधार पर आखिरकार आरोपी का सुराग मिला। 5 जनवरी को पुलिस टीम गुरुग्राम पहुंची। भेष बदलकर निगरानी करने के बाद, सेक्टर-14 राजीव नगर स्थित एक निर्माणाधीन इमारत की झुग्गी से आरोपी अजय सैनी और अपहृत बच्ची को बरामद किया गया। बच्ची के साथ 3-4 माह का एक नवजात शिशु भी मिला। महिला कॉन्स्टेबल की मौजूदगी में बच्ची को सुरक्षित संरक्षण में लिया गया और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी अजय सैनी पूर्व में भी एक विवाहिता और एक नाबालिग के अपहरण की वारदात को अंजाम दे चुका है। अपहृता की बरामदगी के बाद 7 जनवरी 2026 को उसे राजस्थान उच्च न्यायालय जयपुर में पेश कर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का निस्तारण कराया गया। पुलिस टीम के सतत प्रयासों की अधिकारियों द्वारा सराहना की गई है।
डीग पुलिस ने 15 माह से फरार नाबालिग बच्ची के किडनैप के आरोपी अजय सैनी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने अपहृत बच्ची को हरियाणा के गुरुग्राम से सुरक्षित बरामद किया। आरोपी पर पुलिस अधीक्षक डीग द्वारा 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
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यह घटना 20-21 अक्टूबर 2024 की रात की है, जब आरोपी ने अपने एक साथी के साथ मिलकर नाबालिग बच्ची का अपहरण कर लिया था। नाबालिग के परिजनों ने बताया कि आरोपी पहले भी फोन पर उसे परेशान करता था। अपहरण के बाद घर से 20 हजार रुपए भी गायब मिले थे। इस संबंध में थाना मन में मामला दर्ज किया गया था।
मामले को लेकर पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। इस टीम ने राजस्थान, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और बिहार में लगातार दबिश दी। सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए और होटल, धर्मशालाओं, झुग्गी-झोपड़ी, फैक्ट्री क्षेत्रों तथा मजदूर बस्तियों में तलाश की गई। तकनीकी सर्विलांस और मानवीय सूचना के आधार पर आखिरकार आरोपी का सुराग मिला।