चूरू कृषि उपज मंडी में 15 साल बाद अनाज व्यापार:नए साल पर शिफ्ट हुआ कारोबार, व्यापार मंडल और किसानों का किया स्वागत
चूरू शहर की कृषि उपज मंडी में 15 साल के लंबे इंतजार के बाद नए साल के पहले दिन गुरुवार को अनाज का व्यापार स्थानांतरित हो गया। मंडी प्रशासन और अनाज व्यापार मंडल के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद आखिरकार यह बदलाव आया है। कृषि उपज मंडी सचिव डॉ. पंकज शर्मा ने बताया कि मंडी में व्यापार स्थानांतरित करने के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे। उन्होंने व्यापारियों से बातचीत कर उनकी मांगों और परेशानियों को समझा। व्यापारियों की मुख्य मांग थी कि उन्हें आवंटित दुकानों के पीछे गोदाम बनाकर दिए जाएं। इस मांग को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया गया, जिसके बाद सभी व्यापारियों को मंडी में गोदाम देने की स्वीकृति मिल गई। व्यापार मंडल और किसानों का किया स्वागत स्वीकृति मिलने के बाद सभी व्यापारियों से वार्ता कर नए साल से मंडी में व्यापार स्थानांतरण करने का निर्णय लिया गया। मंडी सचिव डॉ. पंकज सहित सभी स्टाफ सदस्यों ने अनाज व्यापार मंडल और किसानों का स्वागत किया। इस अवसर पर अनाज व्यापार मंडल अध्यक्ष हरिप्रसाद भालेरीवाला, व्यापारी राजेश बजाज, मनीष बगड़िया, रामनिवास सरोठिया, मुकेश महनसरिया, मातुल ऊंटवालिया, उमेश राजपाल, सूर्य गोयनका, नवीन गोयनका, मुरली ऊंटवालिया, विनोद लूनिया, सुरेश बजाज, पर्यवेक्षक कमल कुमार पंवार, राजेश पारीक और युवराज सहित कई अन्य व्यापारी मौजूद थे। मंडी में पहले दिन 20 क्विंटल मूंग की खरीद व्यापार शिफ्ट होने के बाद पहले दिन मंडी में 20 क्विंटल मूंग की खरीद हुई। गांव दूधवामीठा के किसान फूलाराम ने अपनी उपज बेची। व्यापारियों ने करीब 6200 रुपए प्रति क्विंटल के भाव से मूंग की खरीद की। पहले दिन कोहरे के कारण मंडी में किसानों की संख्या कम रही, हालांकि शहर के अधिकांश अनाज व्यापारी व्यापार स्थानांतरण के लिए मंडी में उपस्थित थे।
चूरू शहर की कृषि उपज मंडी में 15 साल के लंबे इंतजार के बाद नए साल के पहले दिन गुरुवार को अनाज का व्यापार स्थानांतरित हो गया। मंडी प्रशासन और अनाज व्यापार मंडल के बीच लंबे समय से चल रही खींचतान के बाद आखिरकार यह बदलाव आया है।
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