खाचरियावास बोले-15साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का कानून गलत:स्क्रैपिंग नीति पूर्व मंत्री का आरोप, कहा- उद्योगपतियों को फायदा पहुंचा रही सरकार
राजस्थान सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का कानून गलत है और इसे 15 साल के बजाय किलोमीटर के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। खाचरियावास ने कहा- गरीब और मध्यम वर्ग बड़ी मुश्किल से एक कार खरीदता है। उस कार से परिवार के बच्चे खुश होते हैं और लोग अपने गांव-घर तक पहुंचते हैं। लेकिन सरकार इस तरह के नियम लाकर आम जनता पर बोझ डाल रही है और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। “घर बैठे लोगों के चालान पहुंच रहे” खाचरियावास ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा मैं खुद परिवहन मंत्री रहा हूं। मेरे समय में इंस्पेक्टर राज नहीं था। आज जनता के साथ लूट चल रही है। घर बैठे लोगों के चालान पहुंच रहे हैं। यह सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में करीब 4 करोड़ लोग राशन लेते हैं, जिनमें से 45 लाख नाम भाजपा सरकार ने हटा दिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार खुद को हिंदुओं की हितैषी बताती है, जबकि सरकार किसी एक धर्म की नहीं होती, सरकार सबकी होती है। 15 साल से अधिक पुराने वाहन होंगे स्क्रैप गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने अपंजीकृत, अनफिट और कबाड़ वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 लागू की है। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जा सकेगा। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (सीवीएस) जारी किए जाएंगे, जिन्हें वाहन पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड किया जाएगा। यह नीति जहां सरकार के अनुसार पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है, वहीं विपक्ष इसे आम आदमी विरोधी बताकर लगातार विरोध जता रहा है।
राजस्थान सरकार की वाहन स्क्रैपिंग नीति को लेकर पूर्व कैबिनेट मंत्री और कांग्रेस नेता प्रताप सिंह खाचरियावास ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि 15 साल पुराने वाहनों को स्क्रैप करने का कानून गलत है और इसे साल के बजाय किलोमीटर के आधार पर लागू किया जाना चाहिए। खाचरियावास ने कहा- गरीब और मध्यम वर्ग बड़ी मुश्किल से एक कार खरीदता है। उस कार से परिवार के बच्चे खुश होते हैं और लोग अपने गांव-घर तक पहुंचते हैं। लेकिन सरकार इस तरह के नियम लाकर आम जनता पर बोझ डाल रही है और उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना चाहती है। उन्होंने कहा कि एक सेकेंड हैंड मारुति कार में पांच लोग बैठकर गांव पहुंच जाते हैं, यही आम आदमी की हकीकत है। सरकार को यह कानून लाना चाहिए कि लोग जरूरत से ज्यादा गाड़ियां न खरीद सकें, न कि पुरानी लेकिन चलने योग्य गाड़ियों को जबरन कबाड़ में डाल दिया जाए। “घर बैठे लोगों के चालान पहुंच रहे” खाचरियावास ने परिवहन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा, मैं खुद परिवहन मंत्री रहा हूं। मेरे समय में इंस्पेक्टर राज नहीं था। आज जनता के साथ लूट चल रही है। घर बैठे लोगों के चालान पहुंच रहे हैं। यह सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है। उन्होंने खाद्य सुरक्षा योजना का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य में करीब 4 करोड़ लोग राशन लेते हैं, जिनमें से 45 लाख नाम भाजपा सरकार ने हटा दिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि सरकार खुद को हिंदुओं की हितैषी बताती है, जबकि सरकार किसी एक धर्म की नहीं होती, सरकार सबकी होती है। 15 साल से अधिक पुराने वाहन होंगे स्क्रैप गौरतलब है कि राजस्थान सरकार ने अपंजीकृत, अनफिट और कबाड़ वाहनों की स्क्रैपिंग के लिए राजस्थान वाहन स्क्रैपिंग नीति-2025 लागू की है। इसके तहत 15 वर्ष से अधिक पुराने वाहनों को स्क्रैप किया जा सकेगा। अधिकृत स्क्रैप सेंटर से वाहन स्वामी को सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट (सीओडी) और सर्टिफिकेट ऑफ व्हीकल स्क्रैपिंग (सीवीएस) जारी किए जाएंगे, जिन्हें वाहन पोर्टल पर डिजिटल रूप से अपलोड किया जाएगा। यह नीति जहां सरकार के अनुसार पर्यावरण संरक्षण और सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी है, वहीं विपक्ष इसे आम आदमी विरोधी बताकर लगातार विरोध जता रहा है।