जनगणना में लगे कर्मचारियों के नहीं होंगे तबादले:जनगणना का पहला चरण 15 मई से संभव, प्रशासनिक सीमाएं नहीं बदली जा सकेंगी
नए वर्ष की शुरुआत के साथ ही जनगणना संबंधी कार्य शुरू होने के कारण प्रदेश की सभी प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो गई हैं। बीते वर्ष के अंतिम दिन तक जिला, उपखंड, वार्ड, पंचायत समेत जो भी प्रशासनिक सीमाएं बदली गई हैं, उनके अनुसार ही अब आगे जनगणना का काम होगा। अब यदि कोई बदलाव होगा, तो उसे जनगणना के आंकड़ों के अनुसार मैच नहीं कराया जा सकेगा। पूरे दस वर्ष तक जनगणना 2025 तक की प्रशासनिक सीमाओं के आधार पर आंकी जाएगी। राज्य में जिस तरह से जनगणना की तैयारियां की जा रही हैं, उसके अनुसार 15 मई से पहले चरण की जनगणना का काम शुरू होने की पूरी संभावना है। इससे पहले अब सभी स्तर पर कर्मचारी-अधिकारियों की ट्रेनिंग का काम तेजी से किया जाना है। दूसरे और अंतिम चरण की मतगणना का काम फरवरी 2026 में शुरू होगा। सीमा फ्रीज का मतलब क्या नए जिले, उपखंड, तहसील, गांव, वार्ड जिनकी सीमा 31 दिसंबर 2025 तक तय हो गई हैं। उनमें बदलाव अब नए सिरे से नहीं होगा। जिनमें बदलाव नहीं हुआ है, वहां किसी प्रकार की सीमा में संशोधन नहीं होगा। गांव या शहर के किसी भी वार्ड तक की सीमा में कोई फेरबदल नहीं किया जा सकेगा। वैसे यह रोक 2027 में तक होने वाली जनगणना के काम को पूरा होने तक रहेगी, लेकिन जनगणना के आंकड़े पूरे 10 साल 1 जनवरी 2026 की प्रशासनिक सीमा के आधार पर ही रहेंगे। रोक हटने पर गृह मंत्रालय अधिसूचना जारी करेगा। इससे पहले गृह मंत्रालय ने 31 दिसंबर तक नई प्रशासनिक यूनिट बनाने पर जनगणना की रोक हटाई थी। प्रदेशभर के कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी जनगणना निदेशालय की ओर से पहले चरण के लिए अब प्रदेशभर के कर्मचारियों की ट्रेनिंग होगी। सरकार की ओर से प्रशासनिक सीमाएं तय होने के बाद अब निदेशालय फ्रेम बनाकर हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग जनगणना कराएगा। इसी चरण में ईबी बनाई जाएगी। ईबी यानी इन्यूमरेशन ब्लॉक(गणना खंड) एक छोटा भौगोलिक क्षेत्र होता है, जिसे जनगणना के काम को आसान बनाने के लिए तय किया जाता है। प्रत्येक जनगणना कर्मी उसी के अनुसार पहले चरण में हाउस लिस्टिंग करेंगे। इसमें सामान्यतः 120 से 150 घर शामिल होते हैं। सभी मकानों-ईमारतों की सूची रिहायशी/व्यावसायिक के अनुसार बनाएंगे। इनमें क्या-क्या सुविधाएं जैसे पानी, शौचालय, बिजली आदि हैं, परिसंपत्तियां हैं, उनकी जानकारी लेंगे। परिवार के बारे में जानकारी लेंगे। पोर्टल पर सेटेलाइट इमेज पर मकान आदि होंगे, उनके नक्शे काटकर जनगणना कर्मी काम पूरा करते चलेंगे। दूसरे चरण में प्रत्येक व्यक्ति की गणना होगी। उसकी पूरी डिटेल ली जाएगी। पूरी जनगणना ऑनलाइन एप के जरिए किया जाएगा।