माघ महीने के गुप्त नवरात्रा 19 जनवरी से होंगे शुरू, नौ दिवसीय पूजा का समापन 27 को होगा
भास्कर संवाददाता | झुंझुनूंं इस साल का पहला गुप्ता नवरात्रा माघ शुक्ल प्रतिपदा यानी 19 जनवरी को शुरू होंगे। जिसका समापन 27 जनवरी को होगा। इस बार नवरात्रा का पावन पर्व पूरे नौ दिन मनाए जाएंगे। इस दौरान सर्वार्थ सिद्धी व दिपुष्कर योग भी रहेगा। पंडित रोहित पुजारी ने बताया कि साल में चार नवरात्रा आते है। इसमें दो प्रकट (प्रत्यक्ष) नवरात्र चैत्र महीने व अश्विन महीने में आते है, जबकि दो (अप्रत्यक्ष) गुप्त नवरात्रि माघ व आषाढ़ महीने में आते है। नवरात्रा के दिनों में साधक अपने घर, मंदिर व अपनी व्यवस्थानुसार एकांत में, साधना करते हैं। इस बार मां दुर्गा की कलश स्थापना सोमवार को होगी। नवरात्रि में साधक अपनी आध्यात्मिक व मानसिक शक्तियों में वृद्धि करने के लिए कई प्रकार के उपवास, संयम, नियम, भजन, पूजन, योग साधना आदि करते हैं। पूर्णाहुति, हवन मां दुर्गा के मंत्रों व दुर्गा सप्तशती के मंत्रों से सम्पन्न करना चाहिए। नवरात्रि में दुर्गा सप्तशती, दुर्गा चालीसा का पाठ करने से शिव शक्ति प्रसन्न होकर साधक की मनोकामनाएं पूर्ण करती है। यह है पूजा की विधि : शास्त्रों में घट स्थापना, अखंड ज्योत प्रज्जवलित करना व जवारे स्थापित करने का उल्लेख किया गया है। नौ दिनों का संकल्प लेते हुए प्रतिप्रदा प्रथम दिवस घट स्थापना करना चाहिए, घट स्थापना के बाद हर दिन सुबह-शाम शिव परिवार व भैरव महाराज की पूजा करनी चाहिए। नवमी के दिन कन्या पूजन भोजन व हवन के साथ नवरात्र पूर्ण करना चाहिए। माघ व चैत्र नवरात्र की तारीख एक समान : हिंदी पंचांग के अनुसार इस वर्ष दो ज्येष्ठ (अधिक मास) महीने होने से नवरात्र के आरंभ की तारीखों में भी बदलाव देखा जा रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, ऐसे वर्षों में पर्वों की तिथियों में संयोग होने से साधना, दान, जप और देवी उपासना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। इस वर्ष माघ महीने के गुप्त नवरात्रा 10 दिन पहले 19 जनवरी को शुरू होंगे। जबकि चैत्र नवरात्रा 19 मार्च को शुरू होंगे। यह संयोग माना जाएगा कि माघ व चैत्र दोनों महीने के नवरात्र इस बार 19 तारीख से शुरू हो रही हैं। पंडितों के अनुसार माघ मास गुप्त नवरात्रि में दस महा विधाओं की साधना की जाती है। नवरात्रि के अंतर्गत मां काली, मां तारा, मां त्रिपुर सुंदरी, मां भुवनेश्वरी, मां छिन्नमस्ता, मां त्रिपुर भैरवी, मां धूमावती, मां बगलामुखी, मां मातंगी और मां कमला देवी की विशेष साधना की जाती है। नवरात्रि में शिव की साधना सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है। इस समय की जाने वाली साधना को गुप्त बनाये रखना चाहिए।