राजस्थान के 2 जिलों का रातोंरात भूगोल बदला:बाड़मेर और बालोतरा की सीमाओं में फेरबदल; भाजपा ने पटाखे फोड़े, कांग्रेस का विरोध
राज्य सरकार ने पाकिस्तान से सटे दो जिलों बाड़मेर और बालोतरा का रातें-रात भूगोल बदल दिया है। 31 दिसंबर को राजस्व विभाग ने दोनों जिलों के इलाकों का पुनर्गठन करने की अधिसूचना जारी कर दी। दोनों जिलों में एक दूसरे के इलाके शामिल करके अदला-बदली की गई है। बायतू उपखंड को बालोतरा से निकालकर फिर से बाड़मेर में शामिल कर दिया है। बाड़मेर के गुढ़ामालानी, धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल किया है। इसे लेकर सियासी विरोध शुरू हो गया है। नए नोटिफिकेशन के भाजपा कार्यकर्ताओं ने पटाखे फोड़े। वहीं, कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले पर विरोध जताया है। अब 2027 तक नहीं हो सकेगा बदलाव, सीमाएं फ्रीज राज्य सरकार ने जिलों की सीमाओं में बदलाव 31 दिसंबर को किया, इसके पीछे भी रणनीति बताई जा रही है। दरअसल, 1 जनवरी से जनगणना के कारण प्रशासनिक सीमाएं डेढ़ साल के लिए मई 2027 तक के लिए फ्रीज हो गई हैं। अब जनगणना पूरी होने तक किसी भी प्रशासनिक यूनिट की सीमाओं में कोई बदलाव नहीं हो सकता। ऐसे में अब दोनों जिलों की सीमाओं में बदलाव करने के सरकार के आदेश को पलटा भी नहीं जा सकेगा, कोर्ट में भी जनगणना का आधार बनाकर बचाव हो जाएगा। नेताओं के सियासी गणित पर पड़ सकता है असर जिलों की सीमाओं में बदलाव से अब आगे विधानसभा सीटों का परिसीमन भी इसी आधार पर होगा। बायतू से कांग्रेस विधायक और मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी चुनाव लड़ते हैं, इस बदलाव के कारण आगे उन्हें सियासी नुकसान हो सकता है। वहीं, गुढ़ामालानी मंत्री केके विश्नोई का निर्वाचन क्षेत्र है। इस बदलाव के पीछे अब स्थानीय राजनीति गर्मा गई है। अब पढ़िए- नेताओं ने क्या कहा हरीश चौधरी: कांग्रेस विधायक ने सोशल मीडिया पर शायराना अंदाज में विरोध जताया और उन्होंने लिखा- 'राजनीति मकसद से तहसीलों को तोड़ा, न डरूंगा, न झुकूंगा, मैं अपने लोगों के साथ खड़ा हूं, चाहे किधर भेजो मुझे।' उम्मेदाराम बेनीवाल: सांसद ने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे तुगलकी व्यवस्था बताया है। उन्होंने लिखा कि बीजेपी सरकार का यह निर्णय लोगों को और दूर धकेलने का कारण बन गया है। हेमाराम चौधरी: पूर्व मंत्री ने भी अधिसूचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि धोरीमन्ना उपखंड को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा में शामिल करना और गुड़ामालानी उपखंड के पश्चिमी व दक्षिणी गांवों में किया गया प्रशासनिक बदलाव जमीनी हकीकत और लोगों की सुविधाओं के विपरीत है। बाड़मेर और बालोतरा में अब कौनसी तहसील और उपखंड नए बदलाव के बाद अब बालोतरा में अब 5 उपखंड और 9 तहसील और 5 उपतहसील है। वहीं, बाड़मेर में 7 उपखंड, 11 तहसील और 7 उप तहसील रहेगी। बायतु विधानसभा क्षेत्र को पुनर्गठित किया गया है। पहले बायतु विधानसभा में गिड़ा, पाटोदी और बायतु तहसील शामिल थीं। नए निर्णय के तहत गिड़ा और पाटोदी को बालोतरा जिले में ही रहेंगी। जबकि बायतु तहसील को दोबारा बाड़मेर जिले में शामिल किया गया है। वहीं, गुड़ामालानी और धोरीमन्ना उपखंड को नए जिले बालोतरा में जोड़ा गया है। नोटिफिकेशन के बाद भाजपा समर्थकों ने खुशी जताई, वहीं कांग्रेस ने इसे जनविरोधी निर्णय बताते हुए विरोध शुरू कर दिया। .... राजस्थान की सियासत से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए... राजस्थान में कलेक्टर-SP के ट्रांसफर पर रोक:राज्य निर्वाचन आयोग ने जारी किए आदेश; 3 साल से ज्यादा समय से पोस्टेड अधिकारी हटेंगे आगामी निकाय और पंचायत चुनाव को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग ने राज्य में तैनात फील्ड पोस्टिंग वाले अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रोक लगा दी है। पूरी खबर पढ़िए...