जालोर में तापमान 20 डिग्री C दर्ज:4 दिन से शीत लहर और कोहरा, दिन में भी ठिठुरन
जालोर जिले में बीते 4 दिनों से शीत लहर का असर बना हुआ है। रविवार को भी सुबह से कोहरा छाया रहा और दिन में हल्की धूप के बावजूद ठंड का एहसास बना रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ। रविवार को भी सुबह से कोहरा और सर्दी जालोर सहित पूरे जिले में रविवार सुबह से ही कोहरा छाया रहा। शीत लहर का प्रभाव 6 से 7 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं के साथ महसूस किया गया। सुबह 11 बजे तक तापमान करीब 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, इसके बावजूद लोगों को सर्दी से राहत नहीं मिली। शनिवार को दिनभर रही ठिठुरन शनिवार को भी ठंड का असर पूरे दिन बना रहा। करीब 6 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं के कारण लोगों को दिनभर ठिठुरन महसूस होती रही। हल्की धूप खिलने के बावजूद सर्दी कम नहीं हुई। सुबह से जिले में हल्का कोहरा छाया रहा, जिससे ठंड का असर और बढ़ गया। सुबह तक कोहरे की चादर में लिपटा रहा शहर शनिवार को सुबह करीब 10 बजे तक शहर कोहरे की चादर में लिपटा रहा। तेज सर्दी के कारण वाहनों के शीशों और पेड़ पौधों की पत्तियों पर ओस की बूंदें जम गईं। दिन में ठंडी हवाओं के चलते लोग गर्म कपड़ों और लबादों में लिपटे नजर आए। न्यूनतम तापमान में 2.3 डिग्री की गिरावट सर्दी के बढ़ते असर के चलते एक ही दिन में न्यूनतम तापमान में 2.3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि शुक्रवार की तुलना में शनिवार को अधिकतम तापमान में 3.6 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई। मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को जिले का अधिकतम तापमान 22.7 डिग्री और न्यूनतम तापमान 8.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। दूसरी बार 22 डिग्री के आसपास रहा दिन का तापमान इस मौसम में यह दूसरी बार है जब दिन का तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को अधिकतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रहा था। शीत लहर के चलते हालात ऐसे बने हुए हैं कि लोग दिन में भी ऊनी कंबल ओढ़कर बाहर निकलने को मजबूर हैं। आगे भी जारी रह सकती है शीत लहर मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में शीत लहर का असर और तेज रहने की संभावना जताई है। ऐसे में जिले में सर्दी का प्रभाव अभी और बने रहने के आसार हैं।
जालोर जिले में बीते 4 दिनों से शीत लहर का असर बना हुआ है। रविवार को भी सुबह से कोहरा छाया रहा और दिन में हल्की धूप के बावजूद ठंड का एहसास बना रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ।

