चित्तौड़गढ़ पहुंचीं एक्ट्रेस मंदाकिनी ने देखा पद्मिनी महल:इतिहास को जानने में दिखाई रुचि, 20 मिनट रुककर उदयपुर रवाना
बॉलीवुड एक्ट्रेस मंदाकिनी शनिवार दोपहर चित्तौड़गढ़ पहुंचीं। शहर में कदम रखते ही उन्होंने साफ कर दिया कि वे सिर्फ चित्तौड़ दुर्ग स्थित ऐतिहासिक पद्मिनी महल ही देखना चाहती हैं। उनकी इस इच्छा का सम्मान करते हुए प्रशासन और स्थानीय प्रतिनिधियों ने उन्हें सीधे पद्मिनी महल ले जाया। महल पहुंचकर मंदाकिनी ने रानी पद्मिनी से जुड़े गौरवशाली इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने पूरे ध्यान से महल का भ्रमण किया और वहां की ऐतिहासिक विरासत को निहारा। उनका यह दौरा पूरी तरह से इतिहास जानने और समझने से जुड़ा रहा। रानी पद्मिनी के बारे में जानने की जताई इच्छा पद्मिनी महल में मंदाकिनी ने रानी पद्मिनी के जीवन, शौर्य और बलिदान से जुड़ी गाथाएं सुनीं। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से इस ऐतिहासिक स्थल को देखने की इच्छा रखती थीं। मंदाकिनी ने कहा कि उन्होंने रानी पद्मिनी के बारे में पहले भी काफी कुछ सुना है, लेकिन कई जगह गलत इतिहास भी बताया गया। खुशी की बात है कि अब सही इतिहास सामने आ रहा है और लोगों को सच्चाई से अवगत कराया जा रहा है। जल महल और गार्डन को दूर से देखा अपने छोटे से दौरे के दौरान मंदाकिनी ने रानी पद्मिनी के जल महल को दूर से देखा। इसके साथ ही आसपास बने गार्डन की खूबसूरती को भी निहारा। उन्होंने महल की वास्तुकला और वहां के शांत वातावरण की जमकर तारीफ की। हालांकि समय कम होने के कारण वे करीब 20 मिनट ही दुर्ग परिसर में रुक सकीं और इसके बाद वापस लौट गईं। मंदाकिनी को देखने उमड़ी भीड़ एक्ट्रेस के चित्तौड़गढ़ पहुंचने की खबर मिलते ही पद्मिनी महल और आसपास के क्षेत्रों में लोगों की भीड़ जुट गई। बड़ी संख्या में लोग उनकी एक झलक पाने के लिए वहां पहुंचे। हालांकि मंदाकिनी ने ज्यादा बातचीत नहीं की, लेकिन लोगों में उन्हें लेकर खास उत्साह देखने को मिला। लोग शांति से उनके जाने तक मौके पर मौजूद रहे। स्थानीय नेताओं ने किया स्वागत मंदाकिनी के दौरे के दौरान चित्तौड़ दुर्ग के पूर्व पार्षद अशोक वैष्णव, विजय चौहान और कांग्रेस के अन्य पार्षद भी मौजूद रहे। सभी ने उनका से स्वागत किया और उन्हें चित्तौड़ दुर्ग का फोटो भेंट किया। मंदाकिनी ने सभी का धन्यवाद किया और चित्तौड़गढ़ आने के अनुभव को शानदार बताया। कम समय के इस दौरे के बावजूद उनका आना शहरवासियों के लिए खास रहा और दिनभर चर्चा का विषय बना रहा। इसके बाद वे उदयपुर के लिए रवाना हो गईं।