झालावाड़ में छाया घना कोहरा:शीतलहर से बढ़ाई ठिठुरन, 20 मीटर से भी कम रही विजिबिलिटी
झालावाड़ में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। रविवार सुबह से ही जिले में घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण कड़ाके की सर्दी का असर साफ दिखाई दिया। विजिबिलिटी घटकर लगभग 20 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सामान्य जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है। बढ़ती ठंड से बचने के लिए लोग विभिन्न उपाय कर रहे हैं। कई लोग गर्म कपड़े पहनकर सर्दी से बचाव कर रहे हैं, तो कुछ अलाव का सहारा ले रहे हैं। सड़कों पर वाहन लाइटें जलाकर धीमी गति से चलते दिखे। सर्दी के कारण खान-पान में भी बदलाव आया है। लोग गर्म चीजों का सेवन कर रहे हैं, जिससे चाय की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है। ठंडी हवाओं ने सर्दी को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। आवश्यक कार्यों के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी शीतलहर के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालांकि, इस शीतलहर को गेहूं और चने की फसलों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है।
झालावाड़ में शीतलहर और घने कोहरे ने जनजीवन को प्रभावित किया है। रविवार सुबह से ही जिले में घना कोहरा छाया रहा, जिसके कारण कड़ाके की सर्दी का असर साफ दिखाई दिया। विजिबिलिटी घटकर लगभग 20 मीटर से भी कम रह गई, जिससे सामान्य जनजीवन पर सीधा असर पड़ा है।
.
बढ़ती ठंड से बचने के लिए लोग विभिन्न उपाय कर रहे हैं। कई लोग गर्म कपड़े पहनकर सर्दी से बचाव कर रहे हैं, तो कुछ अलाव का सहारा ले रहे हैं। सड़कों पर वाहन लाइटें जलाकर धीमी गति से चलते दिखे। सर्दी के कारण खान-पान में भी बदलाव आया है। लोग गर्म चीजों का सेवन कर रहे हैं, जिससे चाय की दुकानों पर भीड़ देखी जा रही है।
ठंडी हवाओं ने सर्दी को और बढ़ा दिया है, जिसके चलते लोग घरों में रहने को मजबूर हैं। आवश्यक कार्यों के लिए ही लोग बाहर निकल रहे हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी शीतलहर के कारण अस्पतालों में मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। विशेष रूप से सर्दी, खांसी और जुकाम के मरीजों की संख्या बढ़ी है। हालांकि, इस शीतलहर को गेहूं और चने की फसलों के लिए फायदेमंद बताया जा रहा है।