मुनाफे की खेती... इस साल लगा रहे 20 नए पॉलीहाउस
आदित्य शर्मा | बारां. बारां जिले की अर्थव्यवस्था कृषि आधारित है। अब पॉलीहाउस किसानों के लिए मुनाफे का जरिया बन रहे हैं। इसमें खेती के साथ पशुपालन, मुर्गीपालन और मछली पालन करके किसान आय को बढ़ा रहे हैं। साथ ही सौर ऊर्जा संयंत्र लगवाकर बिजली की ज़रुरत को पूरा कर रहे हैं। जिले में किसान मौसम की मार, कीटव्याधि से बचाव को लेकर खेती की नई तकनीक, जैविक और औषधीय खेती की तरफ कदम बढ़ा रहे हैं। युवा किसान पालीहाउस, शेड नेट, सौर ऊर्जा संयंत्र को अपना रहे हैं। इसमें परंपरागत खेती से हटकर अब मुनाफे की खेती में बदल रहे हैं। इनकी संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। उद्यान विभाग के अनुसार जिले में पिछले पांच साल में सिर्फ 32 पालीहाउस, शेड नेट लगे थे। यानि सालाना औसतन 6 पॉलीहाउस लगे। इस साल 2025-26 में 20 में से 7 पूरे हो चुके हैं। वहीं 13 का काम चल रहा है। पिछले पांच साल में खेतों में 310 सौर ऊर्जा संयंत्र लगे। इस सत्र में 139 सौर ऊर्जा संयंत्र लग चुके हैं। इससे खेती में किसानों की लागत घट रही है। फव्वारा व ड्रिप पद्धति से पानी कम लग रहा है। वहीं जैविक खेती से उर्वरकों पर निर्भरता भी कम हो रही है। इस साल पालीहाउस, शेड नेट व सौर ऊर्जा संयंत्रों की संख्या में इजाफा होगा। बहादुरगंज निवासी किसान सत्यनारायण नागर का कहना है कि एक बीघा में गेहूं और सोयाबीन से साल में करीब 40 हजार की उपज होती है। इसमें करीब 20 हजार का मुनाफा होता है। उन्होंने ढाई ढाई बीघा के दो और सवा बीघा का एक पाली हाउस लगाया है। एक पॉलीहाउस में 8 लाख रुपए का खीरा निकलता है, तो उसमें करीब 6 लाख की बचत होती है। वहीं सवा बीघा पॉलीहाउस में पीली और लाल शिमला मिर्च लगाई। इसमें 6 लाख की शिमला मिर्च निकलती है और 4 लाख रुपए की बचत होती है। खीरा और शिमला मिर्च को कोटा मंडी भेजते हैं। उनके दोनों बेटे भी खेती से जुड़ गए हैं। बेटा अक्षय नागर एग्रीकल्चर से बीएससी करने के बाद पॉलीहाउस खेती संभाल रहा है। कीट व्याधि कम रहती हैं। इसमें जैविक खेती कर रहे हैं। जैविक खेती से मिट्टी और मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बेहतर हैं। पोल्ट्री फार्म में भी 7300 लहर मुर्गियां हैं। इनसे 7100 अंडे प्रतिदिन होते हैं। जिन्हें गुना भेजा जाता हैं। इससे एक महीने में आय साढ़े 14 लाख और खर्च 6 लाख रुपए का है। युवा किसान भी पॉलीहाउस और मुर्गीपालन से आय बढ़ा सकते हैं। किसान ने पॉलीहाऊस से बढ़ाई आय, दोनों बेटे भी खेती से जुड़े